बीमा क्षेत्र में नई कंपनियों को आने में आसानी हो सकती है। भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडाई) ने सरकार को सलाह दी है कि इस क्षेत्र में आने वाली कंपनी के लिए कम से कम 100 करोड़ की पूंजी को कम कर दिया जाए। इस रकम को तय करने का फैसला नियामक पर छोड़ दिया जाए। इस फैसले से छोटी और अच्छी कंपनियां इस क्षेत्र में आ सकती हैं। इससे बीमा की जागरुकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इरडाई चेयरमैन देबाशीष पांडा ने यह बात कही।
पांडा ने कहा कि जिस तरह से बैंकिंग में छोटे संस्थान हैं, क्षेत्रीय बैंक हैं उसी तरह से बीमा में भी कंपनियों को मंजूरी दी जाए। छोटी कंपनियां छोटे इलाकों में अपने कारोबार कर सकती हैं। इस मामले में नियामक ही कंपनियों के आधार पर इसे तय कर सकता है। माइक्रो इंश्योरेंस कंपनी के लिए कुछ और रकम की अनिवार्यता हो जबकि क्षेत्रीय कंपनियों के लिए कुछ और रकम तय की जा सकती है।
पांडा ने कहा कि पूंजी की जरूरत में छूट से मोटर और संपत्तियों के लिए विशेष लाइन बनाने में मदद मिलेगी। कानून में उस तरह का ढांचा तैयार किया जाए जो न केवल सूक्ष्म, लघु, क्षेत्रीय कंपनियों आदि को बल्कि विशिष्ट उत्पादों की पूर्ति करने वालों को भी अनुमति देता हो। एजेंसी
कीमतें थामने के लिए 60 लाख टन तक चीनी निर्यात की मंजूरी
नई दिल्ली। कीमतों में स्थिरता लाने और मिलों की वित्तीय स्थिति को संतुलित बनाने को सरकार ने 2022-23 के दौरान 60 लाख टन तक चीनी निर्यात की मंजूरी दी है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्वीट कर यह जानकारी दी।
खाद्य मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, चीनी के अनियंत्रित निर्यात पर रोक लगाने और घरेलू खपत के लिए लिए वाजिब दर पर पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने एक नवंबर, 2022 से 31 मई, 2023 तक तर्कसंगत सीमा के साथ इसके निर्यात की अनुमति देने का फैसला किया है। चीनी निर्यात कोटा की पहली खेप की मंजूरी सिर्फ 31 मई तक के लिए ही दी गई है। उसके बाद निर्यात कोटा तय करने का फैसला घरेलू चीनी उत्पादन को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।
इससे पहले के तीन चीनी विपणन सत्रों के औसत चीनी उत्पादन का 18.23 फीसदी हिस्सा निर्यात कोटे के तौर पर चिह्नित किया गया है। खाद्य मंत्रालय से मंजूरी के बाद मिलें खुद या निर्यातकों के माध्यम से विदेश में चीनी बेच सकती हैं। साथ ही, मिलें देश की दूसरी मिलों के निर्यात कोटे के साथ अदला-बदली भी कर सकेंगी।
107 मामले निपटा कर सेबी ने कमाए 59 करोड़ रुपये
नई दिल्ली। पूंजी बाजार नियामक सेबी ने 2021-22 में 107 मामलों का निपटारा कर 58.81 करोड़ रुपये कमाए हैं। 2020-21 में 216 मामले निपटाकर 68.23 करोड़ कमाए थे।
नियामक ने कहा, सेटलमेंट आदेश अल्टरेटिव इन्वेस्टमेंट फंड, म्यूचुअल फंड, इनसाइडर ट्रेडिंग, पीएफयूटीपी और अनुचित कारोबार के साथ खुलासा न करने के मामले में जारी किया गया था। सेटलमेंट तंत्र के तहत आरोपी एक निश्चित रकम भरकर मामले को बंद करा सकता है। हालांकि, हर मामलों में रकम अलग-अलग होती है। एजेंसी
ऑनलाइन गेमिंग पर दिसंबर में तय होगी जीएसटी दर
नई दिल्ली। ऑनलाइन गेमिंग पर जीएसटी दर पर फैसला लेने से पहले सरकार इसकी परिभाषा बदलेगी। केंद्र व राज्यों के जीएसटी अधिकारी ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के विशेषज्ञों के साथ मिलकर गेम्स ऑफ स्कील और गेम्स ऑफ चांस की परिभाषा पर काम कर रहे हैं, ताकि दोनों तरह के खेलों के लिए अलग टैक्सेशन ढांचा बनाया जा सके।
ऑनलाइन गेम्स पर जीएसटी लगाने का पेचीदा मुद्दा पिछले एक साल से अधिक समय से विवाद का विषय बना हुआ है।