गृह सचिव अजय भल्ला ने स्पष्ट किया है कि वर्क प्लेस पर कर्मचारी के संक्रमित होने पर सीईओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की खबर गलत है। उन्होंने बताया कि सीईओ को जेल भेजने की खबरें सही नहीं हैं। इस संदर्भ में गृह सचिव ने गुरुवार को सभी राज्यों को पत्र भी भेजा।
भल्ला ने बताया कि सरकार द्वारा जारी लॉकडाउन के नियमों में इस तरह का प्रावाधान नहीं है। यानी ऐसा कोई नियम नहीं है कि फैक्ट्री या वर्क प्लेस पर अगर कोरोना संक्रमित कर्मचारी पाए गए, तो सीईओ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी या फैक्ट्री सील की जाएगी और ना ही कंपनी के सीईओ को इसके लिए जेल होगी।
इसके लिए गृह सचिव अजय भल्ला और डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) सेक्रटरी गुरुप्रसाद महापात्र ने सीआईआई, फिक्की और एसोचैम के प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग की।
मालूम हो कि इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने 15 अप्रैल की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए यह डर जताया था कि कर्मचारी के कोरोना संक्रमित पाए जाने पर सीईओ को जेल भेजा जा सकता है। या फैक्ट्री को तीन माह के लिए सील किया जा सकता है।
गलत आशंका पालने का कोई आधार नहीं
अजय भल्ला द्वारा राज्यों को भेजे गए पत्र में लिखा गया कि, 'मैं यह स्पष्ट कर रहा हूं कि संशोधित दिशानिर्देशों में ऐसा कोई नियम नहीं है और इस तरह की गलत आशंका पालने का कोई आधार नहीं है।'
साथ ही लेटर में कहा गया कि, 'इसके लिए किसी भी मैन्युफैक्चरिंग या कमर्शियल इस्टैब्लिशमेंट के मैनेजमेंट को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।'
संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी
मालूम हो कि देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 1684 नए मामले सामने आए हैं और 37 लोगों की मौत हो गई है। इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 23,077 हो गई है, जिसमें 17,610 सक्रिय हैं, 4749 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 718 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, आज राजस्थान में 36, कर्नाटक में 18 और बिहार में छह नए मामले सामने आए हैं।