वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए रिजर्व बैंक और सरकार साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने उद्योग जगत के नेताओें से मुलाकात में आश्वस्त किया कि सरकार किसी भी तरह से उद्योग जगत को मुश्किल में नहीं डालना चाहती है।
सीआईआई की सुरक्षा परिषद की बैठक में उद्योग संगठनों के नेताओं ने वित्त मंत्री से मुलाकात की और अपनी चिंताओं को सामने रखा। इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि अगले सप्ताह से वह देश के विभिन्न हिस्सों में उद्योग के लोगों से कर उत्पीड़न से संबंधित मुद्दों और शिकायतों के निवारण के लिए बैठक करेंगी। उद्योगों में छाई मंदी पर सीतारमण ने कहा कि कुछ रुकावटों के बावजूद भारत सबसे तेजी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। इसे आगे बढ़ाने के लिए सरकार और आरबीआई एक साथ काम कर रहे हैं। पारिस्थितिकी तंत्र निवेशों को प्रोत्साहित करने में मदद करेगा, जिसका लाभ विकास दर को रफ्तार देने में होगा। उन्होंने ऑटो और बुनियादी उद्योगों की मंदी की ओर भी इशारा किया।
सीएसआर पर दी राहत
वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय क्षेत्र के संकटों से निपटने के लिए आने वाले दिनों में कदम उठाए जाएंगे। साथ ही कंपनियों के लिए कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) में अनिवार्य निवेश फंड के दंड प्रावधानों पर भी सरकार दोबारा गौर करेगी। उन्होंने कहा कि हमारा इरादा किसी पर आपराधिक मामला चलाने का नहीं है।
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