फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Wheat: 20 फीसदी घट सकती है गेहूं की सरकारी खरीद, कुछ राज्यों में एक माह में पांच फीसदी तक बढ़ा भाव

Tue, 23 May 2023 06:00 AM IST
वीरेंद्र शर्मा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, गेहूं की खरीद इस साल लगभग 2.7 करोड़ टन के करीब हो सकती है। भारत की गेहूं की खरीद 2022 में एक साल पहले की तुलना में घटकर 1.88 करोड़ टन से अधिक हो गई थी।
विज्ञापन
गेहूं - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

स्थानीय कीमतों में उछाल के बाद पिछले कुछ दिनों में सरकारी खरीद धीमी हो गई है। ऐसे में इस साल गेहूं की सरकारी खरीद प्रारंभिक अनुमान से 20 फीसदी घट सकती है। उम्मीद से कम गेहूं खरीद से कीमतों में भी कमी आ सकती है। ऐसे में सरकार के हस्तक्षेप करने की योजना भी सीमित हो सकती है।
विज्ञापन


एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, गेहूं की खरीद इस साल लगभग 2.7 करोड़ टन के करीब हो सकती है। भारत की गेहूं की खरीद 2022 में एक साल पहले की तुलना में घटकर 1.88 करोड़ टन से अधिक हो गई थी। तापमान में अचानक वृद्धि के बाद उत्पादन में गिरावट आने से भारत ने मई, 2022 में गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। पिछले एक दशक में सालाना औसत गेहूं खरीद 3.15 करोड़ टन रही है। 

अब तक 2.6 करोड़ टन खरीदा गया गेहूं
एक सरकारी अधिकारी ने कहा, सरकार ने अब तक 2.6 करोड़ टन गेहूं की खरीद की है और अभी भी खरीद रहे हैं। इस महीने में मध्य भारत में गेहूं की कीमतें 5% तक बढ़ कर 2,325 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई हैं। सरकार 2,125 रुपये के भाव से खरीद रही है। इस साल कई किसान अपनी उपज को इस उम्मीद में रोके हैं कि आपूर्ति घटने पर पिछले साल  की तरह कीमतों में तेजी आएगी।
विज्ञापन


जेट एयरवेज बैंक गारंटी पर फैसला 30 जून को
नई दिल्ली। जेट एयरवेज बैंक गारंटी मामले में राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) 30 मई को आदेश पारित करेगा। जेट एयरवेज के लिए निर्णायक बोली लगाने वाले जालान-कालरॉक गठजोड़ ने अपीलीय न्यायाधिकरण से अपील की थी कि प्रमुख कर्जदाता एसबीआई को 150 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भुनाने से रोक दिया जाए। 

निजी खपत व ग्रामीण मांग से विकास दर को मिलेगा समर्थन
देश की आर्थिक वृद्धि को जून तिमाही में निजी खपत में सुधार से समर्थन मिलेगा। ग्रामीण मांग में सुधार और विनिर्माण क्षेत्र में उछाल से भी विकास दर को मदद मिलेगी। आरबीआई ने सोमवार एक लेख में कहा, वैश्विक अर्थव्यवस्था धीमी वृद्धि और उच्च महंगाई से जूझ रही है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में एक असहज शांति का माहौल है। बाजार बैंकिंग विनियमन और जमा बीमा पर नीति निर्माातओं से स्पष्ट संकेतों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत पात्रा की अगुवाई वाली टीम में अपने लेख में कहा, अप्रैल व मई के पहले पखवाड़े में घरेलू आर्थिक दशाओं ने 2022-23 की अंतिम तिमाही की गति को बनाए रखा है। नवंबर, 2021 के बाद पहली बार खुदरा महंगाई अप्रैल, 2023 में 5% से नीचे आ गई। कॉरपोरेट आय उम्मीद से बेहतर है। बैंकिंग-वित्तीय क्षेत्रों में प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। केंद्रीय बैंक ने कहा, यह लेख उसके विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। 
विज्ञापन



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें