भारतीय मुद्रा यानी रुपये में विदेश व्यापार को बढ़ावा देने की सरकार की नीति रफ्तार पकड़ने लगी है। यही वजह है कि सिर्फ 6 महीने में ही 49 विशेष रुपया वोस्ट्रो खाते (एसआरवीए) खोले जा चुके हैं। कई खातों को नियामक की मंजूरी का इंतजार है। इन खातों के जरिये आठ देशों रूस, मॉरीशस, श्रीलंका, मलयेशिया, म्यांमार, सिंगापुर, इस्राइल और जर्मनी के साथ रुपये में व्यापार हो सकेगा।
यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस पर पश्चिमी देशों की पाबंदियों को देखते हुए भारत रुपये में विदेशी लेनदेन को बढ़ाने के निरंतर प्रयास कर रहा है। रुपये में कारोबार को लेकर श्रीलंका से बातचीत जारी है। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस पर चर्चा आयोजित की थी। बैंक ऑफ सीलोन, एसबीआई, इंडियन बैंक के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए।
आरबीआई ने जुलाई, 2022 में घरेलू मुद्रा में सीमा-पार कारोबारी लेनदेन पर निर्देश जारी किए थे। इसके बाद रूस के सबसे बड़े बैंक स्बेरबैंक व दूसरे सबसे बड़े बैंक वीटीबी बैंक जुलाई, 2022 में रुपये में व्यापार की मंजूरी पाने वाले पहले विदेशी बैंक बने थे।