सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) अगले कुछ महीनों में जीडीपी के लिए नए आधार वर्ष पर फैसला करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि मंत्रालय राष्ट्रीय खातों यानी जीडीपी की नई सीरीज पर काम कर रहा है, जिससे 2011-12 के मौजूदा आधार वर्ष में बदलाव देखने को मिलेगा।
भले ही मंत्रालय 2017-18 को नया आधार वर्ष तय करने पर विचार कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है क्योंकि विशेषज्ञ समिति अपनी अंतिम राय देने से पहले कुछ और डाटा मिलने का इंतजार कर रही है।
फिक्की के एक कार्यक्रम के दौरान एमओएसपीआई सचिव प्रवीण श्रीवास्तव ने कहा, ‘आधार वर्ष (जीडीपी के) में बदलाव का फैसला लेने में कुछ महीने लगेंगे। हम उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण और उपभओक्ता व्यय सर्वेक्षण का इंतजार कर रहे हैं। सभी शुरुआती कार्य कर लिए गए हैं।’
गौरतलब है कि अप्रैल-जून तिमाही में आर्थिक विकास दर 5 फीसदी रही थी, जो लगभग छह साल का निचला स्तर था। सरकार भी लगातार निवेश बढ़ाने और सुस्त अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।