इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने शुक्रवार को बताया कि देश के महत्वाकांक्षी सेमीकंडक्टर निर्माण कार्यक्रम में तेजी आने के साथ सरकार 2-3 छोटे सेमीकंडक्टर परियोजनाओं की घोषणा कर सकती है। मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 की बची हुई राशि से ये अतिरिक्त परियोजनाएं पूरी की जा सकती हैं।
सरकार ने भारत में सेमीकंडक्टर बनाने के लिए कुल 76,000 करोड़ रुपये की एक योजना सेमीकॉन 1.0 बनाई थी। इस योजना से बचे पैसे को तीन हिस्सों में आवंटित किया गया है। इसमें 64,000 करोड़ रुपये भारत में चिप बनाने वाली फैक्ट्रियां लगाने के लिए आवंटित किए गए हैं। 10,000 करोड़ रुपये मोहाली (पंजाब) में पहले से मौजूद एक सेमीकंडक्टर लैब को सुधारने और बेहतर बनाने के लिए दिए गए हैं। 1,000 करोड़ रुपये उन कंपनियों को मदद देने के लिए जो सेमीकंडक्टर का डिजाइन तैयार कर रही हैं। इसे डिजाइन आधारित प्रोत्साहन योजना भी कहा जाता है।
मंत्रालय अभी सेमीकॉन 2.0 के फ्रेमवर्क को लेकर वित्त मंत्रालय और अन्य संबंधित पक्षों से चर्चा कर रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि सरकार भारत के सेमीकंडक्टर तंत्र को लगातार मजबूत करना चाहती है। यह घोषणा 'सेमीकॉन इंडिया 2025' के आयोजन से पहले आई है, जो 2 से 4 सितंबर के बीच दिल्ली के यशोभूमि में होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो सितंबर को इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। यह दिखाता है कि सरकार इस क्षेत्र को कितनी प्राथमिकता दे रही है।
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इस साल सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम पहले से करीब दो गुना बड़ा हो गया है। पिछले साल जहां 200 से भी कम कंपनियां शामिल हुई थीं, इस बार 350 से ज्यादा कंपनियों ने अपने स्टॉल बुक कर लिए हैं। कार्यक्रम के लिए जो 1,100 बूथ बनाए गए थे, वो सभी पूरी तरह भर चुके हैं। इतनी ज्यादा मांग होने के कारण आयोजकों को कुछ नई कंपनियों को शामिल होने से मना करना पड़ा। इसमें 33 देशों से प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो पिछले साल के 30 से ज्यादा है। 50 से ज्यादा शीर्ष अधिकारी भाग लेंगे। पहली बार कार्यक्रम में छह देशों के लिए अलग-अलग विशेष बैठकें भी रखी जाएंगी। राज्य सरकारों की भागीदारी भी बढ़ी है। पिछले साल छह राज्यों ने हिस्सा लिया था, इस बार नौ राज्य शामिल होंगे।
भारत में इस साल के अंत तक बनी हुई पहली 'मेड इन इंडिया' सेमीकंडक्टर चिप बाजार में आ सकती हैं। सचिव कृष्णन ने बताया कि इस उपलब्धि को पाने की दौड़ में कई कंपनियां शामिल हैं और जल्द ही देश का पहली वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर चिप बाजार में होगी।