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हवाई सफर होगा महंगा: सरकार ने विमान ईंधन में की 10% की भारी बढ़ोतरी; बाजार दर से बचने का अनोखा विकल्प

Wed, 10 Jun 2026 04:26 AM IST
राकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।

सार

सरकार ने घरेलू एयरलाइंस के लिए विमान ईंधन की नई योजना पेश की है। इसके तहत एटीएफ के दामों में 10 फीसदी की वृद्धि की गई है, जिससे इसकी कीमत 104.927 रुपये से बढ़कर 115 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। हालांकि, एयरलाइंस को राहत देते हुए अगले तीन साल तक इसी तय दर पर ईंधन लेने का ऐच्छिक विकल्प दिया गया है।
 
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एटीएफ - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू एयरलाइंस के लिए विमान ईंधन (एटीएफ) से जुड़ी नई योजना पेश की। इसके तहत सरकार ने मंगलवार को एटीएफ की कीमतों में 10 फीसदी की वृद्धि की है, पर इसके साथ ही एयरलाइंस को अगले तीन साल तक के लिए ईंधन की दरें स्थिर रखने का विकल्प दिया गया है।
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इस वृद्धि के बाद एटीएफ की कीमत 104.927 रुपये से बढ़कर 115 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। योजना के दायरे में आने वाली घरेलू एयरलाइंस को तीन साल तक इसी दर से ईंधन मिलेगा। जो एयरलाइंस इसे स्वीकार नहीं करेंगी, उसे अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस की तरह बाजार दर पर ईंधन मिलेगा, जो फिलहाल 142 रुपये प्रति लीटर है। यह योजना एच्छिक है। 

एयरलाइंस को मिला 3 साल का 'फिक्स रेट' विकल्प
कीमतों में बढ़ोतरी के झटके के साथ ही सरकार ने घरेलू एयरलाइंस कंपनियों को बड़ी राहत देने के लिए एक नई और अनोखी योजना भी पेश की है। इस नई योजना के तहत एयरलाइंस कंपनियों को अगले तीन साल तक के लिए ईंधन की दरें स्थिर रखने का विकल्प दिया गया है। इसका मतलब यह है कि जो भी घरेलू एयरलाइंस इस योजना को स्वीकार करेगी, उसे अगले तीन वर्षों तक वैश्विक बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से मुक्ति मिल जाएगी और उन्हें लगातार 115 रुपये प्रति लीटर की तय दर पर ही ईंधन मिलता रहेगा। इससे कंपनियों को अपनी परिचालन लागत का दीर्घकालिक बजट बनाने में आसानी होगी।
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योजना से बाहर रहने पर भुगतना होगा बाजार का जोखिम
मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, सरकार की ओर से पेश की गई यह नई योजना पूरी तरह से ऐच्छिक है। जो भी घरेलू विमानन कंपनियां इस सरकारी योजना के दायरे में नहीं आना चाहती हैं, उन्हें अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस की तर्ज पर बाजार की मौजूदा दरों पर ही ईंधन खरीदना होगा। 
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