वित्त मंत्रालय ने सभी बैंकों से लोन के भरे जाने वाले अप्लीकेशन फॉर्म में बदलाव करने का निर्देश भी दिया है। इसके तहत अब आवेदकों को अपनी पासपोर्ट डिटेल्स भी देनी होगी। पासपोर्ट डिटेल होने से बैंक आसानी से जांच एजेंसियों को घोटालेबाज बकाएदारों के खिलाफ समय से कार्रवाई करने में आसानी होगी।
विलफुल डिफॉल्टर पर कसेगा शिकंजा
केंद्र सरकार इस तरह विलफुल डिफॉल्टर के खिलाफ भी अपना शिकंजा कस सकेगी, जो देश छोड़ने की फिराक में बैठे हुए हैं। पीएनबी महाघोटाले के बाद ज्यादातर बैंक बड़े बकाएदारों के खिलाफ अब कार्रवाई करने लगे हैं।
सरकार लेकर आ रही है सख्त कानून
सरकार बैंक का मोटा कर्ज लेकर विदेश भागने वालों के लिए नया सख्त कानून ले कर आ रही है। इस संबंध में तैयार किए जा रहे कानून के मसौदे के मुताबिक 100 करोड़ रुपए से ऊपर के कर्ज वाले भगोड़े की देश में मौजूद संपत्ति को सरकार एजेंसियां जब्त कर लेगी।
यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जबतक भगोड़ा वापस आ कर न्यायिक प्रक्रिया में शामिल नहीं हो जाता। यह विधेयक 5 मार्च से शुरु होने वाले बजट सत्र के दूसरे चरण में संसद में पेश किया जा सकता है। सरकार ने 9000 करोड़ का कर्ज लेकर विदेश भागने वाले शराब व्यवसायी और राज्यसभा सांसद विजय माल्या प्रकरण के बाद ऐसे कानून बनाने का फैसला किया था। पिछले साल मई से इसपर काम चल रहा है।