नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) में बदलाव किया है और एयरलाइन कंपनियों को भोजन परोसने की अनुमति दी है। यात्रियों को अब एयरलाइंस की नीति के अनुसार, पहले से पैक हुए भोजन, स्नैक्स और पेय पदार्थ परोसा जा सकता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए, एयरलाइन अब मानक प्रथाओं के अनुसार सीमित पेय विकल्पों के साथ गर्म भोजन परोस सकते हैं।
सरकार ने एयरलाइंस से डिस्पोजेबल प्लेट, कटलरी और सेट-अप प्लेट का इस्तेमाल करने को कहा है, जिसे दोबारा उपयोग में नहीं लाया जाएगा। डिस्पोजेबल ग्लास, बोतल, कैन और कंटेनर में ही चाय, कॉफी और अन्य पेय पदार्थ परोसे जाएंगे। इसके साथ ही हर एक मील और पेय सेवा के लिए क्रू को दस्ताने का एक नया सेट पहनना होगा।
मालूम हो कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए इन-फ्लाइट मनोरंजन की भी अनुमति दे दी गई है। सरकार ने बोर्डिंग से पहले एयरलाइंस से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि डिस्पोजेबल ईयरफोन का इस्तेमाल हो, या यात्रियों के लिए साफ और कीटाणुरहित ईयरफोन प्रदान किए जाएंगे। एसओपी के अनुसार, एयरलाइंस को हर उड़ान के बाद सभी टचप्वाइंट्स को साफ और कीटाणुरहित करना होगा।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइंस से उन यात्रियों को 'नो-फ्लाई लिस्ट' में डालने के लिए कहा है जो उड़ान के दौरान मास्क नहीं पहनते हैं और कोविड-19 एसओपी का उल्लंघन करते हैं।
मालूम हो कि जब 25 मई को जब घरेलू उड़ानें फिर से शुरू हुईं, तो सरकार ने भोजन और पेय सेवाओं के साथ-साथ उड़ान मनोरंजन पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। वंदे भारत मिशन के तहत सात मई को अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर से शुरू हुईं। कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के चलते घरेलू उड़ानों को 25 मार्च से और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को 23 मार्च से निलंबित कर दिया गया था।
इससे पहले उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार को ट्विटर पर एक बयान जारी कर जानकारी दी थी कि विदेश जाने वाले यात्रियों को अब उड्डयन मंत्रालय के पास आवेदन करने की कोई जरूरत नहीं है। इसके लिए सीधे विमानन कंपनी के पास बुकिंग कराई जा सकती है।
लैपटॉप पर इंटरनेट इस्तेमाल करने को लेकर नए दिशा-निर्देश
वहीं, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) उड़ान के दौरान विमान में मोबाइल या लैपटॉप पर इंटरनेट इस्तेमाल करने को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके मुताबिक, डिवाइस के फ्लाइट मोड पर इंटरनेट सेवा प्रदान की जाएगी और यह समुद्र तल से दस हजार फीट ऊपर, आगमन से पहले और प्रस्थान के बाद उपलब्ध होगी। यह सेवा तभी मिलेगी जब पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (पीईएड), मोबाइल या लैपटॉप को एरोप्लेन मोड पर इस्तेमाल किया जाएगा।
दिशा-निर्देशों के मुताबिक, एयरलाइंस कंपनियों को पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का जोखिम मूल्यांकन करना होगा। इसके साथ ही पायलट को उड़ान के दौरान इंटरनेट कनेक्टविटी पर नियंत्रण रखने और केबिन क्रू को यात्रियों यात्रियों पर नजर रखनी होगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि नियमों का उल्लंघन न होने पाए। इसके साथ ही जिन उपकरणों में रेडियो सिग्नल के ट्रांसमीटर नहीं हैं, जैसे पोर्टेबल वायस रिकॉर्डर, इलेक्ट्रॉनिक मनोरंजन उपकरण और इलेक्ट्रिक शेवर का इस्तेमाल किसी भी यात्री के द्वारा नहीं किया जाएगा। हालांकि यह नियम पेसमेकर और सुनने में मददगार उपकरणों पर लागू नहीं होगा।