अमेरिका में ट्रंप प्रशासन द्वारा विदेशी छात्रों का वीजा ऑनलाइन कक्षाओं के चलते प्रतिबंधित करने के फैसले की तीखी आलोचना के बीच देश के 17 राज्यों ने इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इस मुकदमे को गूगल, फेसबुक और माइक्रोसॉफ्ट समेत एक दर्जन से ज्यादा शीर्ष अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों ने भी समर्थन दिया है और मुकदमे में शामिल होने की घोषणा की है।
कानूनी कार्रवाई संयुक्त रूप से कोलोराडो, कनेक्टिकट, डेलावेयर, इलिनोइस, मैरीलैंड, मैसाचुसेट्स, मिशिगन, मिनेसोटा, नेवादा, न्यूजर्सी, न्यू मैक्सिको, ओरेगन, पेंसिल्वेनिया, रोड आइलैंड, वरमोंट, वर्जीनिया, विस्कॉन्सिन राज्यों के अटॉर्नी जनरलों द्वारा दायर की गई है। नई वीजा नीति का विरोध में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और एमआईटी के साथ 60 से भी ज्यादा विश्वविद्यालयों ने भी अदालत का रुख किया है।
अमेरिका के 17 राज्यों ने इस तर्क का हवाला देकर मुकदमा दर्ज कराया है कि ट्रंप प्रशासन के नए नियम देश में स्वास्थ्य आपातकाल (महामारी) के दौरान 13 मार्च को जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हैं। इन नियमों के तहत स्कूलों और कॉलेजों के साथ दूसरे संस्थानों को यह छूट दी गई थी कि एफ-1 या एम-1 वीजाधारक महामारी के दौरान ऑनलाइन क्लास कर सकते हैं। अदालत में दायर मुकदमे में कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन का यह फैसला देश को आर्थिक तौर भी प्रभावित करेगा, क्योंकि अभी विदेशी छात्र अमेरिका में आते हैं और पढ़ाई के बाद वे यहीं कई क्षेत्रों में काम करते हैं। इस फैसले से अर्थव्यवस्था कमजोर होगी।
स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम (एसईवीपी) के मुताबिक, इस साल जनवरी में 1,94,556 भारतीय छात्र अमेरिका के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पंजीकृत थे। इनमें 1,26,132 पुरुष और 68,405 महिला विद्यार्थी शामिल हैं। नई वीजा नीति के लागू होने पर भारतीय छात्र भी प्रभावित होंगे।