सार
सोना गुरुवार को रिकॉर्ड स्तर से गिरकर 1,05,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। एमसीएक्स पर अक्टूबर और दिसंबर डिलीवरी अनुबंधों में 1.30% तक की गिरावट दर्ज हुई। कॉमेक्स पर भी सोना 1.43% टूटा। डॉलर इंडेक्स में सुधार और निवेशकों की मुनाफावसूली ने दबाव बनाया।
सोने-चांदी के गहनों के दामों में हुआ बदलाव
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सोने की चमक एक दिन के रिकॉर्ड हाई के बाद गुरुवार को फीकी पड़ गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अक्तूबर डिलीवरी का सोना 1,395 रुपये गिरकर 1,05,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। बुधवार को सोना 1,07,226 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंचा था। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचे स्तरों पर निवेशकों की मुनाफावसूली और ग्लोबल मार्केट की कमजोरी से यह गिरावट आई।
एमसीएक्स पर सबसे ज्यादा कारोबार वाले अक्टूबर अनुबंध में 1.30% की गिरावट रही। वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाले सोने में भी 1,403 रुपये यानी 1.29% की गिरावट आई और यह 1,06,832 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। पिछले सत्र में यह 1,08,321 रुपये के उच्च स्तर पर था। इससे साफ है कि निवेशकों ने दोनों डिलीवरी अनुबंधों में ऊंचे दाम पर मुनाफावसूली की।
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट
विदेशी बाजारों में भी सोना दबाव में रहा। कॉमेक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 52.3 डॉलर यानी 1.43% टूटकर 3,587.80 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इससे पहले इसने 3,640.10 डॉलर प्रति औंस का ऐतिहासिक स्तर छुआ था। डॉलर इंडेक्स की रिकवरी और ग्लोबल मार्केट में बेरिश सेंटीमेंट ने भी सोने की कीमतों को नीचे धकेला।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था के संकेत
अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। लेबर टर्नओवर सर्वे में नौकरियों की संख्या में तेज गिरावट दर्ज हुई है। इसके साथ ही आईएसएम मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई लगातार छठे महीने घटा है। रोजगार से जुड़े आंकड़े भी कमजोर रहे, जिससे साफ है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ रही है।
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फेडरल रिजर्व की नीतियों पर नजर
कमजोर आंकड़े इस संभावना को और मजबूत कर रहे हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस महीने ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। अब निवेशकों की नजर शुक्रवार को आने वाले नॉन-फार्म पेरोल डेटा पर है, जो फेड की अगली मौद्रिक नीति दिशा को तय करेगा। इससे सोने की कीमतों की भविष्य की चाल भी तय होगी।