अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने का भाव 150 रुपये बढ़कर 79,350 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। व्यापारियों ने कहा कि अल्प अवधि में सोने में तेजी की संभावना सीमित। उनके अनुसार, बाजार सहभागियों का ध्यान मुख्य रूप से ट्रम्प के टैरिफ उपायों और आर्थिक नीति पर केंद्रित है। पिछले कारोबारी सत्र में शुक्रवार को यह बहुमूल्य धातु 79,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। हालांकि, सोमवार को चांदी 91,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।
99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 150 रुपए बढ़कर 78,950 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि शुक्रवार को इसका भाव 78,800 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इस बीच, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर वायदा कारोबार में फरवरी डिलीवरी सोना अनुबंध 41 रुपये या 0.05 प्रतिशत गिरकर 76,503 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
एमसीएक्स में सोना 76,400-76,750 रुपये के दायरे में कारोबार कर रहा है। वैश्विक बाजारों में नए साल के जश्न के लिए छुट्टियों की अवधि में प्रवेश करने के साथ, कारोबार की मात्रा और गतिविधि धीमी रही। एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी व करेंसी सेगमेंट के उपाध्यक्ष व शोध विश्लेषक जतिन त्रिवेदी ने कहा, "त्योहारी सीजन के दौरान सीमित भागीदारी के कारण अल्पावधि में यह उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।"
हालांकि, कमोडिटी एक्सचेंज में वायदा कारोबार में मार्च डिलीवरी चांदी का अनुबंध 60 रुपये या 0.07 प्रतिशत बढ़कर 88,947 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कॉमेक्स सोना वायदा 5.70 डॉलर प्रति औंस या 0.22 प्रतिशत गिरकर 2,626.20 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के ईबीजी (कमोडिटी एवं करेंसी रिसर्च) के उपाध्यक्ष प्रणव मेर ने कहा, "इस सप्ताह सोने की कीमतों में निरंतर मजबूती देखने को मिल सकती है, क्योंकि नए उत्प्रेरकों की कमी है, क्योंकि प्रमुख प्रतिभागी अभी भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए साल की छुट्टियों के कारण बाजार से दूर हैं, जबकि डॉलर के मजबूत होने से सर्राफा में तेजी सीमित है, जो 108 के स्तर के करीब कारोबार कर रहा है।"
हालांकि, एशियाई बाजार में कॉमेक्स चांदी वायदा 29.96 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर कारोबार कर रहा था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटीज) सौमिल गांधी ने कहा, "वृहद मोर्चे पर, एशिया, यूरोजोन और अमेरिका से विनिर्माण पीएमआई आंकड़ों को छोड़कर, इस सप्ताह कोई प्रमुख डेटा शेड्यूल नहीं है। निवेशकों को कुल मिलाकर कम ट्रेडिंग वॉल्यूम के कारण बाजार में सुस्ती की उम्मीद है।"