सोने के व्यापारियों के मुताबिक, पिछले साल के त्योहारी सीजन की तुलना में गोल्ड लोन की दबी मांग कम-से-कम 20 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। जब भी सोने की कीमत में बढ़ोतरी होती है, तो गोल्ड लोन कारोबार में तेजी आती है।
त्योहारी सीजन शुरू होते ही नकदी की किल्लत शुरू हो गई है। लोग अब सोना गिरवी रखकर कर्ज ले रहे हैं। खासकर ग्रामीण और अर्ध ग्रामीण इलाकों में इस तरह के रुझान में तेजी देखी जा रही है। छोटे कारोबारी और व्यक्तिगत तौर पर लोग सोने को गिरवी ज्यादा रख रहे हैं।
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कारोबारियों के मुताबिक, पश्चिमी एशिया में सोने के दाम अचानक बढ़ने लगे हैं। पिछले हफ्ते इसमें चार फीसदी तेजी आई है। साथ ही, इस त्योहार में कोरोना का डर नहीं है। इसलिए, लोग खरीदारी कर रहे हैं। इस समय 24 कैरेट सोना 59,100 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जो एक साल पूर्व के 50,060 रुपये से 18 फीसदी अधिक है।
20% बढ़ सकती है मांग
सोने के व्यापारियों के मुताबिक, पिछले साल के त्योहारी सीजन की तुलना में गोल्ड लोन की दबी मांग कम-से-कम 20 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। जब भी सोने की कीमत में बढ़ोतरी होती है, तो गोल्ड लोन कारोबार में तेजी आती है।
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देश में 27,000 टन सोना है। यह दुनिया के कुल सोने का 14 फीसदी हिस्सा है। इसमें से 5,300 टन सोने को गिरवी रखा गया है। गोल्ड लोन की ब्याज दरें पर्सनल लोन से कम होती हैं। पर्सनल लोन अभी 10 फीसदी से ज्यादा ब्याज दर पर मिल रहा है।
एक साल में 23% बढ़ा सोने के एवज में कर्ज
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार, 28 जुलाई, 2023 तक गोल्ड लोन का आकार 95,476 करोड़ रुपये था। यह एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 23 फीसदी ज्यादा है। आरबीआई ने इसी महीने बुलेट भुगतान योजना के तहत शहरी सहकारी बैंक के लिए गोल्ड लोन की सीमा दो लाख से बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दी है। इससे ग्रामीण और अर्धशहरी लोगों को आसानी से कर्ज मिल सकेगा।