पिछले साल के बजट में घोषित महत्वाकांक्षी गोल्ड बांड योजना की सफलता से उत्साहित सरकार इसे अब हर महीने जारी करने की योजना बना रही है। इसे आकर्षक बनाने के लिए वर्ष 2016-17 के बजट में गोल्ड बांड की परिपक्वता पर कैपिटल गेन टैक्स से छूट की घोषणा की जा चुकी है। इसके तहत चालू वित्त वर्ष के दौरान तीन निर्गम लाये जा चुके हैं।
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों से मिली सूचना के अनुसार आगामी वित्त वर्ष के दौरान गोल्ड बांड को हर महीने जारी करने की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उनके मुताबिक इस योजना में समाज के सभी वर्गोें का साथ मिला है और इसके जरिये अभी तक करीब 5,000 किलो सोने की भौतिक खरीद को हतोत्साहित किया जा चुका है। इस पर पिछले कई महीने से मंथन चल रहा था और इसे आकर्षक बनाने के उपायों पर भी चर्चा हुई थी। इसके बाद बजट में इस बारे में भी एक प्रस्ताव शामिल किया गया।
उल्लेखनीय है कि बीते 29 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट प्रस्ताव में कहा था कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा चलायी जा रही गोल्ड बांड योजना 2015 के तहत जारी सरकारी गोल्ड बांड को भुनाने वाले व्यक्ति को कैपिटल गेन टैक्स से छूट देने का प्रस्ताव किया जाता है। इसी तरह सरकारी गोल्ड बांड के ट्रांसफर पर भी किसी व्यक्ति को होने वाला दीर्घकालिक कैपिटल गेन के सूचीकरण के फायदे मिलेंगे।