ऊंची कीमतों के बावजूद सोने की मांग सकारात्मक रही
विश्व स्वर्ण परिषद के भारत के क्षेत्रीय मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन जैन ने कहा कि वर्ष 2025 तक सोने की कीमतें कई ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर पहुंचने व सितंबर के अंत तक रुपये की कीमतों में लगभग 51.2 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के बावजूद उपभोक्ता धारणा और पीली धातु की मांग सकारात्मक रही है।
जैन ने कहा कि इस सकारात्मक परिदृश्य को भारत की ओर से सितंबर में 902 मिलियन डॉलर का सकारात्मक स्वर्ण ईटीएफ प्रवाह दर्ज करने व अगस्त 2025 में कुल स्वर्ण आयात के नौ महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि दिवाली के दौरान और शादी के मौसम के कारण वर्ष के अंत तक सोने की मांग जारी रहने की उम्मीद है।
विभिन्न प्रकार की सोने की खरीदारी मजबूत रहने की उम्मीद
खुदरा विक्रेता, जो हाल के महीनों में अपने स्टॉक को लेकर सतर्क थे, अब पर्याप्त स्टॉक के साथ आशावादी हैं व मौसमी और शादी-विवाह से संबंधित मांग के कारण खरीदारी में और तेजी आ रही है। इससे सोने की बिक्री के लिए एक जीवंत त्यौहारी सीजन का संकेत मिलता है। उच्च कैरेट वाले सोने के आभूषणों से लेकर डिजिटल सोना, सिक्के और ईटीएफ जैसे निवेश उत्पादों तक, विभिन्न प्रकार की सोने की खरीदारी मजबूत रहने की उम्मीद है।
उपभोक्ता हल्के आभूषणों की ओर बढ़ रहे
काम ज्वेलरी के प्रबंध निदेशक कॉलिन शाह ने कहा कि हालांकि मांग की गतिशीलता स्थिर रहने की संभावना है, लेकिन उपभोक्ताओं की प्राथमिकताएं तेजी से हल्के आभूषणों की ओर बढ़ रही हैं। शाह ने कहा कि त्योहारी सीजन में 9 से 18 कैरेट खंड के आभूषणों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। हमें कुल बिक्री में 18-20 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है।