चांदी की कीमतों में तेजी की वजह
मोतीलाल ओसवाल के कमोडिटी रिपोर्ट के अनुसार चांदी की कीमतें 37 प्रतिशत वर्ष दर वर्ष (YTD)रैली के बीच 1.5 लाख तक बढ़ने की उम्मीद है। सुरक्षित निवेश की मांग और औद्योगिक उपयोग से इसको दोनों का समर्थन मिला है। चांदी में साल दर साल लगभग 37 प्रतिशत की वृद्धि के साथ मजबूत उछाल देखा गया है। 2025 में चांदी ने सोने के साथ 81 प्रतिशत और तांबे के साथ 75 प्रतिशत सहसंबंध दिखाया, जिससे निवेश और औद्योगिक धातु के रूप में इसकी दोहरी भूमिका और मजबूत हुई है।
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चांदी की मांग और आपूर्ति
2025 में चांदी की कुल उत्पादन में औद्यौगिक मांग की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। वहीं 2025 में आभूषणों के मांग 6 प्रतिशत की गिरावट आने के अनुमान है। चांदी के पुनर्चक्रण में 5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। अगर चांदी के प्रवाह की बात करें तो 2025 में चांदी के ईटीएफ और ईटीपी में उल्लेखनीय प्रवाह देखा गया, सऊदी सेंट्रल बैंक ने चांदी से जुड़े ईटीएफ में लगभग 40 मिलियन डॉलर का निवेश किया। वहीं 2025 की पहली छमाही में घरेलू चांदी का आयात 3,000 टन को पार कर गया। रिपोर्ट के अनुसार रूस ने तीन वर्षों में राज्य भंडार के लिए 535 मिलियन डॉलर मूल्य की चांदी खरीदारी करने की योजना की घोषणा की है।
चांदी का आउटलुक
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट कहती है चांदी पर दीर्घकालिक सकारात्मक दृष्टिकोण बना हुआ है। चांदी 1,11,111 और 1,25,000 के पूर्व लक्ष्य को प्राप्त करने के बाद, अब घरेलू मोर्चे पर चांदी के 1,35,000 और उसके बाद 1,50,000 की ओर बढ़ने की उम्मीद है (यह मानते हुए कि USDINR 88.5 पर है)। लंबी अवधि के लिए समर्थन स्तर 1,04,000 से 1,08,000 के आसपास है, जहां 12 से 15 महीनों की अवधि में गिरावट पर खरीदारी की सलाह निवेशकों को रिपोर्ट में दी गई है।