गो फर्स्ट एयरलाइन के विमान अभी कुछ दिनों तक उडान भरते नहीं दिखाई देंगे। डीजीसीए को दिए जवाब में गो फर्स्ट एयरलाइन ने कहा है कि उनके पास परिचालन फिर से शुरू करने के लिए अभी कोई निश्चित समयसीमा नहीं है। मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि जल्द से जल्द परिचालन फिर से शुरू करने की योजना पर काम किया जा रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि एयरलाइन ने कारण बताओ नोटिस का जवाब सौंप दिया है। उन्होंने अपने जवाब में कहा है कि वे जल्द से जल्द उड़ानें फिर से शुरू करने की योजना के विवरण पर काम कर रहे हैं।
इससे पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि विमानन कंपनी 23 विमानों के साथ जल्द ही अपनी उड़ानें शुरू कर सकती है। एयरलाइंस के पास 27 एयरक्राफ्ट हैं, जो दो मई तक चल रहे थे। इसके पास दिल्ली एयरपोर्ट पर 51 व मुंबई एयरपोर्ट पर 37 डिपार्चर स्लॉट हैं।
उड़ान बीती 3 मई से बंद
एयरलाइंस ने परिचालन संबंधी कारणों का हवाला देते हुए 26 मई तक अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी थी। पहले एयरलाइंस ने 19 मई तक उड़ानें रद्द की थीं। गो फर्स्ट के उड़ान बीती 3 मई से बंद हैं।
दिवालिया कार्यवाही का आदेश बरकरार
राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने एनसीएलटी की ओर से दिए गए 10 मई को संकटग्रस्त गो फर्स्ट एयरलाइन के दिवाला आदेश को सोमवार को बरकरार रखा और न्यायाधिकरण के आदेश में कुछ संशोधन करने का निर्देश दिया था। एनसीएलएटी ने पट्टेदारों को विमानों का कब्जा वापस लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और उन्हें गो फर्स्ट दिवाला कार्यवाही मामले में किसी भी उपाय के लिए एनसीएलटी जाने के लिए कहा था।
गो फर्स्ट के पट्टेदार एनसीएलटी के उस फैसले का विरोध कर कर रहे हैं जिसमें अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) की नियुक्ति और अंतरिम स्थगन के लिए मंजूरी दी गई थी। एनसीएलटी ने 10 मई को स्वैच्छिक दिवाला प्रक्रिया के लिए गो फर्स्ट की याचिका स्वीकार कर ली थी और कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) शुरू करने पर अपनी सहमति दे दी थी। एनसीएलटी ने पट्टेदारों और उधारदाताओं की ओर से जारी वसूली को स्थगित कर गो फर्स्ट संरक्षण प्रदान किया है।