GDP of India: एसएंडपी के अनुसार वर्ष 2022 के अंत तक महंगाई की दर आरबीआई के टॉलरेंस बैंड के अधिकतम स्तर छह प्रतिशत से अधिक बने रहने की संभावना है। एशियाई महाद्वीप के लिए जारी अपने इकोनॉमिक आउटलुक में एसएंडपी ने कहा है कि भारत के विकास को अगले वर्ष कोरोना महामारी से उबरने के बाद मांग में सुधार आने से समर्थन मिलेगा।
एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने सोमवार को वर्ष 2022-23 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.3% रहने का अनुमान लगाया है। उसके साथ ही उसने बाजार की गिरावट और महंगाई को लेकर भी चिंता जाहिर की है। एसएंडपी के अनुसार वर्ष 2022 के अंत तक महंगाई की दर आरबीआई के टॉलरेंस बैंड के अधिकतम स्तर छह प्रतिशत से अधिक बने रहने की संभावना है। एशियाई महाद्वीप के लिए जारी अपने इकोनॉमिक आउटलुक में एसएंडपी ने कहा है कि भारत के विकास को अगले वर्ष कोरोना महामारी से उबरने के बाद मांग में सुधार आने से समर्थन मिलेगा।
एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने कहा है कि हमने वित्तीय वर्ष 2022-2023 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 7.3 प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष के लिए इसे 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। हालांकि हम जोखिमों को और नीचे की ओर झुका हुआ देखते हैं
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बता दें कि उच्च मुद्रास्फीति और बढ़ती नीतिगत ब्याज दरों के बीच कई अन्य एजेंसियों ने भी भारत के सकल घरेलू उत्पाद के विकास के अनुमान में कटौती की है। इस महीने की शुरुआत में फिच रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष के लिए विकास अनुमान को घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया, जो पहले 7.8 प्रतिशत था। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने भी भारत की जीडीपी के लिए अपने अनुमानों को पहले के 7 प्रतिशत से घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया था।