आर्थिक शोध संस्था एनसीएईआर ने अनुमान लगाया है कि दूसरी तिमाही में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर घटकर 4.9 फीसदी रहेगी। ऐसा सभी क्षेत्रों में सुस्ती का रुख जारी रहने के कारण होगा। मौजूदा वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर घटकर पांच फीसदी पर पहुंच गई है। यह बीते छह वर्ष का सबसे निचला स्तर है।
नेशनल काउंसिल आफ एप्लायड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में पूरे साल के दौरान भी जीडीपी की वृद्धि दर घटकर 4.9 फीसदी रह जाएगी, जो कि 2018-19 में 6.8 फीसदी थी। एनसीएईआर ने कहा, आगे चलकर मौद्रिक नीति उपायों से वृद्धि में सुधार की उम्मीद नहीं है।