उधर, देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने कहा कि बाहरी क्षेत्र बेहतर स्थिति तैयार कर रहा है। फॉरेक्स रिसर्व बढ़ रहे हैं। महामारी के चलते आपूर्ति में समस्याएं आने के बावजूद महंगाई वैश्विक आर्थिक संकट (जीएफसी) के मुकाबले कहीं कम थी। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम खपत और ऑटो बिक्री के क्षेत्र में आ रहा स्थिर सुधार संकेत कर रहा है कि हालात महामारी से पहले जैसे हो रहे हैं। सुब्रमण्यम ने कहा कि मार्च 2021 में सकल एनपीए 7.4 फीसदी रहे जो मार्च 2008 में 11.2 फीसदी थे। 2021-22 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी डाटा एक 'वी' आकार की रिकवरी की भविष्यवाणी की पुष्टि करता है जो हमने पिछले साल इसी समय की थी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने जीडीपी में 20.1 फीसदी की वृद्धि को लेकर कहा है कि यह डाटा एक साल पुराने निचले आधार की मदद से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था अभी भी महामारी से पूर्व की स्थिति से दूर है। उन्होंने कहा, 'इससे पहले कि हम पहली तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर का जश्न मनाना शुरू करें, कृपया कुछ बातों को ध्यान में रखें। यह 'वृद्धि' 2021-21 की पहली तिमाही में -24.4 फीसदी के असल में नकारात्मक आंकड़े के आधार पर है।'