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पटरी पर लौटती अर्थव्यवस्था: एक साल में -24.4 से 20.1 फीसदी पर आई GDP विकास दर, पहली तिमाही के नतीजे जारी

Tue, 31 Aug 2021 09:50 PM IST
गौरव पाण्डेय बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है। पिछले साल लॉकडाउन के बाद निगेटिव में दर्ज की गई सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी विकास दर के इस बार अच्छे आंकड़े सामने आए हैं। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही के आंकड़े चीन से भी बेहतर हैं। मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति ने इसे सकारात्मक संकेत बताया है तो पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने इस आंकड़े को ही गलत करार दिया है।
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जीडीपी के एक साल के आंकड़े - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कोरोना वायरस महामारी की दो लहरों का सामना कर चुके देश की अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ पटरी पर लौट रही है। मंगलवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के आंकड़े जारी किए। मौजूदा वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून के आंकड़े बताते हैं कि जीडीपी विकास दर 20.1 फीसदी रही है। यह चीन से भी बेहतर आंकड़े हैं क्योंकि पहली तिमाही में चीन की विकास दर 7.9 फीसदी दर्ज की गई है। यानी यह माना जा सकता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था चीन के मुकाबले तेजी से सुधरी है।

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एक साल पहले के आंकड़े
पिछले साल जब देश कोरोना की पहली लहर का सामना कर रहा था, तब भारत में दुनिया का सबसे लंबा और बड़ा लॉकडाउन लगाया गया था। इस वजह से पिछले वित्त वर्ष यानी 2020-21 की पहली तिमाही में विकास दर निगेटिव में चली गई थी। तब यह -24.4 फीसदी दर्ज की गई थी। 

अनुमान भी कुछ ऐसे ही थे
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की इकोरैप रिसर्च रिपोर्ट में अप्रैल-जून तिमाही के दौरान जीडीपी में 18.5 फीसदी की दर से वृद्धि का अनुमान लगाया गया था। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए 21.4 फीसदी की वृद्धि का अनुमान जताया था।

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कुछ इस तरह बदले आंकड़े

  • वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में -24.4 फीसदी।
  • 2020-21 की दूसरी तिमाही में -7.4 फीसदी।
  • तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था निगेटिव ग्रोथ से बाहर आई। विकास दर 0.5 फीसदी दर्ज की गई।
  • पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में यह 1.6 फीसदी रही।
  • मौजूदा वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में यह बढ़कर 20.1 फीसदी हो गई।

महामारी के पहले जैसे हो रहे हालात

उधर, देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने कहा कि बाहरी क्षेत्र बेहतर स्थिति तैयार कर रहा है। फॉरेक्स रिसर्व बढ़ रहे हैं। महामारी के चलते आपूर्ति में समस्याएं आने के बावजूद महंगाई वैश्विक आर्थिक संकट (जीएफसी) के मुकाबले कहीं कम थी। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम खपत और ऑटो बिक्री के क्षेत्र में आ रहा स्थिर सुधार संकेत कर रहा है कि हालात महामारी से पहले जैसे हो रहे हैं। सुब्रमण्यम ने कहा कि मार्च 2021 में सकल एनपीए 7.4 फीसदी रहे जो मार्च 2008 में 11.2 फीसदी थे। 2021-22 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी डाटा एक 'वी' आकार की रिकवरी की भविष्यवाणी की पुष्टि करता है जो हमने पिछले साल इसी समय की थी।
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जश्न मनाने से पहले तथ्य जान लें: चिदंबरम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने जीडीपी में 20.1 फीसदी की वृद्धि को लेकर कहा है कि यह डाटा एक साल पुराने निचले आधार की मदद से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था अभी भी महामारी से पूर्व की स्थिति से दूर है। उन्होंने कहा, 'इससे पहले कि हम पहली तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर का जश्न मनाना शुरू करें, कृपया कुछ बातों को ध्यान में रखें। यह 'वृद्धि' 2021-21 की पहली तिमाही में -24.4 फीसदी के असल में नकारात्मक आंकड़े के आधार पर है।'
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