भारतीय अरबपति गौतम अदाणी ने इस सप्ताह ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया, जिसे वह याद नहीं रखना चाहेंगे। इस सप्ताह उनकी संपत्ति में 97.6 हजार करोड़ रुपये की गिरावट आई, जो दुनिया में किसी भी अरबपति का सबसे बड़ा नुकसान है। इसके साथ ही अदाणी के सिर से एशिया के दूसरे सबसे धनी व्यक्ति का ताज भी छिन गया और वे तीसरे पायदान पर आ गए हैं।
दरअसल, विदेशी निवेशकों के खाते सीज होने की खबर के बाद अदाणी समूह की कंपनियों में शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन बड़ी गिरावट दिखी। समूह की चार कंपनियों में लोअर सर्किट लगाना पड़ा।
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स सूचकांक के मुताबिक, इस सप्ताह अदाणी की कुल संपत्ति 13.2 अरब डॉलर (97.6 हजार करोड़ रुपये) घटकर 63.5 अरब डॉलर (4.7 लाख करोड़ रुपये) रह गई है। कुछ दिन पहले तक वह मुकेश अंबानी के बाद एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति थे।
इतना ही नहीं, अरबपतियों की वैश्विक सूची में भी अदाणी अब 15वें स्थान पर चले गए हैं। समूह की छह कंपनियों का बाजार पूंजीकरण भी पांच कारोबारी सत्र में 1.99 लाख करोड़ रुपये गिर गया है।
इसलिए नहीं लौट रहा भरोसा
अदाणी समूह की छह में से सिर्फ दो कंपनियों में ही सेबी के मानक के अनुसार 25 फीसदी खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी है। समूह के अधिकतर शेयर अदाणी के नियंत्रण वाले ट्रस्ट के पास हैं, जबकि विदेशी निवेशक दूसरे सबसे बड़े हिस्सेदार हैं। खुदरा निवेशकों के पास महज 5 फीसदी शेयर ही हैं। सैम्को सिक्योरिटीज के संस्थापक जिमीत मोदी का कहना है कि अदाणी समूह के स्पष्टीकरण से बाजार संतुष्ट नहीं हुआ है।
किस कंपनी को कितना नुकसान
| अदाणी ग्रीन एनर्जी |
35,425 करोड़ |
| अदाणी इंटरप्राइजेज |
30,504 करोड़ |
| अदाणी पोर्ट |
29,836 करोड़ |
| अदाणी पॉवर |
21,684 करोड़ |
| अदाणी ट्रांसमिशन |
39,726 करोड़ |
| अदाणी टोटल गैस |
45,440 करोड़ |