भारत का कपड़ा उद्योग बांग्लादेश संकट के कारण थोड़ी अनिश्चितता का सामना कर रहा है, पर जल्द ही हालात सामान्य होने की उम्मीद है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह बात शनिवार को बजट के बाद होने वाली भारतीय रिजर्व बैंक की निदेशक मंडल की बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में बनी अंतरिम सरकार से जल्द ही चुनौतियों का समाधान करने की उम्मीद है। वित्त मंत्री ने कहा कि पड़ोसी देश के साथ लगने वाली सीमा सुरक्षित रहे इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रयास जारी है।
बांग्लादेश में भारत के निवेश पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत का कपड़ा उद्योग विशेषकर तमिलनाडु से बांग्लादेश में विश्वास के आधार पर निवेश किया गया है और उन्होंने वहां अच्छा काम किया है। श्रम और आरक्षण में नरमी की नीति जैसा कि कम आय वाले देशों में होता है के कारण वहां के कपड़ा उद्योग का निर्यात भी बढ़ा है। वहां काम कर रहे भारतीय कपड़ा उद्योगों की ओर से भारत को भी निर्यात किया जा सकता है।
वित्त मंत्री ने कहा कि पड़ोसी देश का माहौल तनावपूर्ण होने से कपड़ा और सिले हुए वस्त्र उद्योग में थोड़ी अनिश्चितता का माहौल है। वित्त मंत्री ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि वहां (बांग्लादेश में) किया गया सारा निवेश सुरक्षित है। अभी यह कहना मेरे लिए जल्दबाजी होगी कि पड़ोसी देश में जो हालात बने हैं उसका हमारी अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?"
वित्त मंत्री ने उम्मीद जतायी कि जल्द ही बांग्लादेश की अंतरिम सरकार मुद्दों को सुलझाएगी और दोनों देशों (भारत और बांग्लादेश) के लोगों के लिए स्थिति सामान्य हो जाएगी।
बीते हफ्ते बांग्लादेश में उस समय राजनीतिक संकट गहरा गया जब आरक्षण के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पद इस्तीफा दे दिया और देश छोड़कर भारत पहुंच गईं। उसके तुरंत बाद वहां संसद को भंग कर दिया गया और सेना के समर्थन से अंतरिम सरकार का गठन किया गया। इसकी कमान पूर्व नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को सौंपी गई। उन्होंने गुरुवार को शपथ ली और शुक्रवार को अपने 16 सदस्यीय सलाहकार मंडल के बीच विभागों का बंटवारा किया।