भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ नया मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) एक ऐतिहासिक समझौता है जिसे केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 'गेम चेंजर बताया है। यह समझौता न केवल व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगा, बल्कि सेवा क्षेत्र, महिला सशक्तिकरण और रोजगार के अवसरों को भी मजबूती देगा।
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20 साल बाद ऐतिहासिक समझौता
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह यात्रा पिछले दो दशकों से चल रही थी, जो अब प्रधानमंत्री मोदी और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर की मौजूदगी में एक मजबूत, संतुलित और निष्पक्ष समझौते के रूप में पूरी हुई है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार अगले पांच वर्षों में 120 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।
किसानों और MSMEs को मिलेगा बड़ा फायदा
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि, भारतीय किसान अपने कृषि उत्पादों को प्रोसेस करके ब्रिटेन में निर्यात कर सकेंगे, जिससे उन्हें अधिक मुनाफा मिलेगा। छोटे और मझोले उद्योगों (एमएसएमई) के लिए एयरक्राफ्ट पार्ट्स, ऑटो कंपोनेंट्स और इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात के नए अवसर खुलेंगे। इसके साथ ही भारतीय वस्त्र (टेक्सटाइल) पर अब शून्य आयात शुल्क लगेगा, जिससे वहां मांग में भारी बढ़ोतरी होगी। वहीं, फर्नीचर, फुटवियर, खिलौने, दवाइयां और चमड़े के सामान जैसे कई उत्पादों के लिए ब्रिटेन में नया बाजार खुलेगा।
भारत के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा में राहत
इस समझौते के साथ एक और अहम व्यवस्था दोहरा योगदान सम्मेलन (डीसीसी) भी लागू की गई है। इससे फायदा यह होगा कि जो भारतीय श्रमिक कुछ वर्षों के लिए ब्रिटेन जाते हैं, उन्हें अब वहां की सामाजिक सुरक्षा में 25% वेतन नहीं गंवाना पड़ेगा। इसके बजाय, वह पैसा उनके भारत के प्रोविडेंट फंड (पीएफ) में जमा होगा और 8% टैक्स-फ्री ब्याज के साथ एक पेंशन फंड में बदलेगा।
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महिला सशक्तिकरण पर विशेष अध्याय
इस बार भारत ने पहली बार किसी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता पर एक अलग अध्याय शामिल किया है। इसका उद्देश्य महिलाओं को वैश्विक, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर आर्थिक भागीदारी के समान अवसर देना है। इसके तहत एक व्यापार और लैंगिक समानता कार्य समूह बनाया गया है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि महिलाओं को व्यापार में आगे बढ़ने के लिए सही नीति और मदद मिले। यह समूह नियमित बैठकें करेगा और समझौते के इस अध्याय की समीक्षा व निगरानी करेगा।
व्यापार को मिलेगी स्थिरता और पूर्व-योजना
पीयूष गोयल ने कहा कि ब्रिटेन की संसद में अभी इसे औपचारिक मंजूरी मिलनी बाकी है, लेकिन वहां की दोनों बड़ी पार्टियों (कंजर्वेटिव और लेबर) का समर्थन होने के कारण यह प्रक्रिया जल्दी पूरी होने की उम्मीद है। इससे व्यापारियों को लंबे समय की स्थिरता मिलेगी और वे अपनी सप्लाई चेन और रणनीतियाँ उसी के अनुसार बना पाएंगे।