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FSSAI License Rules: अब बार-बार रिन्यूअल कराने का झंझट खत्म, रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस को मिलेगी आजीवन वैधता

Fri, 13 Mar 2026 09:01 PM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्या आपका भी खाने-पीने का कारोबार है? तो आपके लिए खुशखबरी है। अब खाद्य नियामक एफएसएसएआई के लाइसेंस का बार-बार नवीकरण कराने का झंझट खत्म हो गया है। FSSAI ने रजिस्ट्रेशन को आजीवन वैधता दे दी है। साथ ही टर्नओवर लिमिट और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। पूरी खबर पढ़ें और जानें कि एमएसएमई और कारोबारियों को इससे क्या फायदा होगा।
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एफएसएसएआई - फोटो : Social Media
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विस्तार
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'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने की दिशा में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को फूड रेगुलेटर ने घोषणा की कि अब उसके रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और लाइसेंस की वैधता आजीवन  होगी। इस फैसले के बाद फूड बिजनेस से जुड़े कारोबारियों (एफबीओ) को अब अपने लाइसेंस बार-बार रिन्यू कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने 10 मार्च से कई व्यापक विनियामक और प्रक्रियात्मक सुधारों को अपनी मंजूरी दे दी है। FSSAI के अनुसार, इन सुधारों को राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और हितधारकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप दिया गया है। ये बदलाव नीति आयोग की गैर-वित्तीय विनियामक सुधारों पर गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के पूरी तरह से अनुरूप हैं।

टर्नओवर लिमिट में भी किया गया बड़ा बदलाव

नियामक बोझ को कम करने के लिए लाइसेंसिंग और रजिस्ट्रेशन की टर्नओवर सीमा में भी अहम बदलाव किए गए हैं। FSSAI ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से रजिस्ट्रेशन के लिए टर्नओवर की सीमा को 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही राज्य और केंद्र के अधिकारों को भी स्पष्ट किया गया है। अब 50 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए स्टेट लाइसेंस की आवश्यकता होगी, जबकि 50 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर वाले व्यवसायों पर सेंट्रल लाइसेंसिंग के नियम लागू होंगे। इस कदम का उद्देश्य राज्य के अधिकारियों को उनके अधिकार क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा नियमों की निगरानी और प्रवर्तन पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित करने में सक्षम बनाना है।

नए नियमों का व्यापार और सेक्टर पर प्रभाव

  • रिन्यूअल से मुक्ति और कम लागत: पहले FSSAI रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस एक से पांच साल तक की अवधि के लिए जारी किए जाते थे। आजीवन वैधता मिलने से सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए कंप्लायंस कॉस्ट (अनुपालन लागत) घटेगी, कागजी कार्रवाई कम होगी और लाइसेंसिंग अधिकारियों से बार-बार संपर्क करने की जरूरत खत्म होगी। इससे ऑपरेशन्स में सुधार आएगा।
  • 10 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को राहत: दोहरे अनुपालन की समस्या को खत्म करने के लिए, नगर निगमों या टाउन वेंडिंग कमेटियों (स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014) के तहत रजिस्टर्ड स्ट्रीट फूड वेंडर्स को FSSAI के तहत 'डीम्ड रजिस्टर्ड' माना जाएगा। इससे 10 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को कई विभागों में चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी और वे अपनी आजीविका और स्वच्छता पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
  • जोखिम आधारित निरीक्षण: नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों को प्रोत्साहित करने के लिए तकनीक आधारित नया 'डायनेमिक रिस्क-बेस्ड इंस्पेक्शन फ्रेमवर्क' लागू किया गया है। अब निरीक्षण खाद्य पदार्थ की प्रकृति से जुड़े जोखिम, पिछले अनुपालन रिकॉर्ड, थर्ड-पार्टी ऑडिट के प्रदर्शन और निगरानी गतिविधियों के आधार पर किया जाएगा।

नियामक का मानना है कि इन सुधारों से न केवल खाद्य उद्योग के लिए पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल माहौल बनेगा, बल्कि नियामक संसाधनों का इस्तेमाल सिर्फ प्रवर्तन और क्षमता निर्माण जैसे जरूरी कार्यों में अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। यह कदम सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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