महीन नहीं बड़े अक्षरों में देनी होगी जानकारी
अक्सर इस तरह की वैधानिक घोषणा इतने महीन अक्षरों में की जाती है कि वह आसानी से दिखे ही नहीं। इसलिए इस बार ऐसा प्रावधान कर दिया गया है कि घोषणा का आकार पांच मिलीमीटर से कम नहीं होगा, जबकि प्रतिशत के अक्षरों का आकार तीन मिलीमीटर से कम में नहीं होगा। यही नहीं, यदि तेल की पैकिंग पांच लीटर या उससे ज्यादा की हो तो उसके कंटेनर पर कम से कम 10 मिलीमीटर आकार में लिखना होगा कि इसकी खुली बिक्री न की जाए (नोट टू बी सोल्ड लूज)।
90 लाख पाम ऑयल का आयात
वैश्विक संस्था राउंडटेबल ऑन सस्टेनेबल पाम ऑयल (आरएसपीओ) के भारत में प्रतिनिधि कमल प्रकाश सेठ का कहना है कि भारत में हर साल करीब डेढ़ करोड़ खाद्य तेलों का आयात होता है, जिसमें से करीब 90 लाख टन पाम आयल होता है। पाम की खेती के लिए मलेशिया-इंडोनेशिया आदि में न सिर्फ अवैध तरीके से जंगलों का सफाया हो रहा है बल्कि वहां काम करने वाले मजदूरों का शोषण भी हो रहा है।