फॉक्सकॉन ने कर्नाटक के देवनहल्ली आईटी निवेश क्षेत्र में मौजूदा इकाई के लिए 8,800 करोड़ के निवेश से एक पूरक संयंत्र लगाने का प्रस्ताव किया है। इससे 14,000 रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। राज्य के बड़े और मझोले उद्यम मंत्री एमबी पाटिल ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने इस संदर्भ में फॉक्सकॉन इंडस्ट्रियल इंटरनेट (एफआईआई) के सीईओ ब्रांड चेन्ग की अगुवाई में कंपनी प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
पाटिल ने कहा, प्रस्ताव के तहत एफआईआई ने 8,800 करोड़ के निवेश की योजना रखी है। परियोजना के लिए करीब 100 एकड़ भूमि की जरूरत होगी। मंत्री ने बयान में कहा, एफआईआई फोन के लिए आवश्यक उपकरण बनाने के अलावा स्क्रीन व बाहरी कवर का भी निर्माण करेगी। यह असेंबली इकाई के पूरक संयंत्र के रूप में काम करेगा।
केंद्र ने दिए बायजू के बही खातों की जांच के आदेश
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने बायजू के बही-खातों की जांच का आदेश दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि एडटेक प्रमुख को कई बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें वित्तीय विवरण प्रस्तुत करने में देरी व कॉरपोरेट प्रशासन के मुद्दों पर चिंताएं शामिल हैं। अधिकारी ने कहा, मंत्रालय ने गौर किया कि कंपनी अपने वित्तीय विवरणों को अंतिम रूप देने में असमर्थ रही है और उसके ऑडिटर ने इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद बही खातों की जांच करने का निर्णय लिया गया है। इस महीने की शुरुआत में, मंत्रालय ने हैदराबाद में क्षेत्रीय निदेशक कार्यालय को कंपनी का निरीक्षण करने का निर्देश दिया था। अधिकारी ने कहा, निरीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। बायजू की तरफ से इस मामले कोई टिप्पणी नहीं की गई। बायजूस का स्वामित्व रखने वाली थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 30 नवंबर 2011 में की गई थी।
पूंजीकरण के लिहाज से एचडीएफसी बैंक तीसरे स्थान पर खिसका
एचडीएफसी बैंक पूंजीकरण में तीसरे पर खिसक गया है। अब टीसीएस दूसरे स्थान पर है। 3 जुलाई, 2023 को बैंक का शेयर 1,757 रुपये पर था, जो सोमवार को गिरकर 1,679 रुपये रह गया। इससे बैंक की बाजार पूंजी घटकर 12.65 लाख करोड़ रह गई। टीसीएस का शेयर 3,305 से बढ़कर 3,491 रुपये पहुंच गया। इससे कंपनी की पूंजी 12.77 लाख करोड़ हो गई। विलय से पहले एचडीएफसी लि. और बैंक को मिलाकर पूंजी 14.70 लाख करोड़ थी। एचडीएफसी बैंक का शुद्ध लाभ जून तिमाही में 29.13% बढ़कर 12,370.38 करोड़ पहुंच गया। सकल एनपीए घटकर 1.17 फीसदी रह गया।
भारत को क्लाइमेट एक्शन का नेतृत्व करना होगा : अमिताभ कांत
नीति आयोग के पूर्व सीईओ व जी-20 शेरपा अमिताभ कांत का मानना है कि नागरिकों को बेहतर जीवन देने के लिए भारत को क्लाइमेट एक्शन का नेतृत्व करना होगा। कार्बन उत्सर्जन किए बगैर औद्योगिक रूप से संपन्न देश बनना होगा। वे वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (डब्ल्यूआरआई) की ओर से सोमवार को आयोजित कार्यक्रम कनेक्ट करो- 2023 को संबोधित कर रहे थे। यह डब्ल्यूआरआई इंडिया का प्रमुख कार्यक्रम है। इसके जरिए भारत व दुनिया के अन्य हिस्सों में रहने वाले विभिन्न हितधारकों को अपने अनुभव और नजरियों को साझा करने का एक प्लेटफार्म मिला। अमिताभ कांत ने यहां कहा कि वर्तमान में वैश्विक स्तर पर कुल कार्बन उत्सर्जन में भारत का योगदान 1.3% है, लेकिन भविष्य में भारत में जिस तरह से शहरीकरण और औद्योगिकीकरण बढ़ेगा उसके मद्देनजर हम निश्चित रूप से दुनिया के तीसरे सबसे बड़े कार्बन उत्सर्जनकर्ता देश बन जाएंगे। ऐसे में यह महत्वपूर्ण है कि भारत एक देश के रूप में जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई और प्रौद्योगिकी की दिशा में तेजी से आगे बढ़े। कनेक्ट करो 2023 के 10वें वार्षिक सम्मेलन में 450 विशेषज्ञ, नीति निर्माता, उद्योगों के प्रमुख व शोधकर्ता एकत्र हुए।