पूर्व मुख्य वित्तीय सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम
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'सूट, बूट की सरकार' के तंज से नहीं घटाया था कंपनियों पर कर
ब्राउन विश्वविद्यालय में बोलते हुए देश के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्ममण्यम ने कहा कि मोदी सरकार अपने पहले कार्यकाल में ही कंपनियों पर कर घटाने का फैसला ले लेती, अगर कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सूट, बूट की सरकार का तंज नहीं कसते।
पिछले महीने ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कंपनियों पर लगने वाले कर को घटाया था। अरविंद ने कहा कि इसका फैसला एनडीए -1 के कार्यकाल में चार से पांच साल पहले लिया गया था, लेकिन फिर इसे वापस ले लिया गया था।
पहले कार्यकाल में हुए बहुत सारे काम
अरविंद ने कहा कि मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में बहुत सारे कार्य विजन के साथ लागू किए गए थे। चाहे जन-धन खाता हो, टॉयलेट हो या फिर उज्जवला योजना सभी के पीछे एक ही मकसद था कि लोगों की ज्यादा से ज्यादा भलाई की जाए। इसके अलावा बिजली, घर और स्वास्थ्य बीमा योजना को शुरू करने के पीछे भी यही मकसद था।
नोटबंदी और जीएसटी के पीछे भी वजह
उन्होंने आगे कहा कि नोटबंदी करना, दिवालिया कानून लेकर के आना और जीएसटी को लागू करने के पीछे भी एक साफ नियत और मकसद था। अब इसको भी अगर कोई खराब निर्णय कह रहा है, लेकिन लागू करने से पहले सरकार सभी बातों के बारे में सोच चुकी थी।