सुजुकी मोटर के पूर्व सीईओ ओसामु सुजुकी (मरणोपरांत) को व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। उनके बेटे और सुजुकी मोटर के सीईओ तोशीहिरो सुजुकी ने सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से यह पुरस्कार ग्रहण किया।
सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के पूर्व अध्यक्ष और दुनिया में कंपनी के विस्तार के अगुआ रहे ओसामु सुजुकी का 94 वर्ष की आयु में 25 दिसंबर 2024 को लिम्फोमा के कारण निधन हो गया। 30 जनवरी, 1930 को जापान के गेरो में जन्मे ओसामु मात्सुदा, सुजुकी के संस्थापक परिवार में विवाह करने के बाद 1958 में कंपनी से जुड़े। अपनी पत्नी का उपनाम लेते हुए, उन्होंने एक परिवर्तनकारी यात्रा शुरू की। उन्होंने सुजुकी मोटर को दुनिया भर में छोटी कारों और मोटरसाइकिलों में जाना-माना नाम बना दिया।
भारत से क्या है नाता?
ओसामु सुजुकी का सबसे साहसिक कदम 1980 के दशक में भारतीय बाजार में प्रवेश करना था। 1982 में, सुजुकी ने भारत सरकार के साथ एक संयुक्त उद्यम बनाया, जिसके परिणामस्वरूप देश में मारुति कार निर्माण शुरू हुआ। इस साझेदारी ने मारुति 800 नामक एक छोटी कार को पेश किया, जो तुरंत हिट हो गई और भारतीय बाजार में सुजुकी के प्रभुत्व को मजबूत किया। आज, मारुति सुजुकी भारत में सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी बनी हुई है, जो कंपनी की वैश्विक बिक्री में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
गणपूतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुआ था पद्म पुरस्कारों का एलान
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों का एलान हुआ था। इसके तहत पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित किए जाने वाली हस्तियों के नामों का एलान किया गया। इस बार राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति ने 139 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी गई है। इनमें सात पद्म विभूषण, 19 पद्म भूषण शामिल हैं। इसके अलावा 113 पद्म श्री पुरस्कारों का भी एलान किया गया है। पुरस्कार पाने वालों में 23 महिलाएं हैं। सूची में 10 विदेशी, एनआरआई, पीआईओ, ओसीआई श्रेणी के व्यक्ति शामिल हैं।
वहीं, 13 लोगों को मरणोपरांत पुरस्कार दिए जाने का एलान किया गया। इसमें भोजपुरी गायिका शारदा सिन्हा (मरणोपरांत), जस्टिस (सेवानिवृत्त) जगदीश सिंह खेहर और सुजुकी कंपनी के ओसामु सुजुकी (मरणोपरांत) बिबेक देबरॉय, सुशील मोदी और मनोहर जोशी (मरणोपरांत) के नाम शामिल हैं।