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Forex Reserves: देश के विदेशी मुद्रा भंडार में अब तक की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट, स्वर्ण भंडार में भी आई कमी

Sat, 09 Apr 2022 11:12 AM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Forex Reserves Drop 11.17 Billion Dollar: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से मुहैया कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, एक अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में यह 11.17 अरब डॉलर कम होकर 606.47 अरब डॉलर रह गया। यह किसी भी सप्ताह में रिकॉर्ड गिरावट है। इससे पहले 25 मार्च को समाप्त सप्ताह में इसमें 2.03 अरब डॉलर की कीम आई थी। 
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फॉरेक्स रिजर्व - फोटो : pixabay
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भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते पैदा हुए हालातों के दबाव के कारण देश के विदेशी मुद्रा भंडार में अब तक की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई है। बीती एक अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में यह 11.17 अरब डॉलर कम होकर 606.47 अरब डॉलर रह गया। यह किसी भी सप्ताह में रिकॉर्ड गिरावट है। 

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बीते सप्ताह के आंकड़ों पर नजर
गौरतलब है कि इससे पहले 25 मार्च को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.03 अरब डॉलर घटकर 617.64 अरब डॉलर रहा था। जबकि, 18 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में यह 2.597 अरब डॉलर घटकर 619.67 अरब डॉलर और 11 मार्च को समाप्त सप्ताह में 9.64 अरब डॉलर घटकर 622.27 अरब डॉलर रह गया था। यानी आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए, तो देश के विदेशी मुद्रा भंडार में एक महीने के भीतर ही दो बार बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 

गोल्ड रिजर्व घटकर यहां पहुंचा  
जहां एक ओर विदेशी मुद्रा भंडार में कमी दर्ज की गई है, तो वहीं दूसरी ओर देश का गोल्ड रिजर्व भी 50.7 करोड़ डॉलर घटकर 42.734 अरब डॉलर रह गया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास जमा देश का एसडीआर यानी स्पेशल ड्राइंग राइट 5.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.87 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। आईएमएफ में रखे देश का मुद्रा भंडार 40 लाख डॉलर बढ़कर 5.136 अरब डॉलर पर पहुंच गया.
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एफसीए घटकर यहां पहुंचा
आरबीआई की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, एक अप्रैल को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में यह गिरावट मुख्य रूप से फॉरेन करेंसी एसेट यानी एफसीए में कमी के कारण आई, जो कुल मुद्रा भंडार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। एफसीए 10.72 अरब डॉलर घटकर 539.72 अरब डॉलर हो गई। डॉलर में बताई जाने वाली एफसीए में विदेशी मुद्रा भंडार में रखी यूरो, पाउंड और येन जैसी दूसरी विदेशी मुद्राओं के मूल्य में वृद्धि या कमी का प्रभाव भी शामिल होता है।

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