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Forex Reserves: घटता विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाएगा महंगाई का बोझ, गिरावट रोकने की आरबीआई की कोशिशें हो रहीं नाकाम

Sat, 14 May 2022 02:32 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

छह मई को समाप्त हुए सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 595.954 अरब डॉलर रह गया है। इस दौरान एफसीए 1.968 अरब डॉलर घटकर 530.855 अरब डॉलर रह गया। इस बीच भारत के स्वर्ण भंडार में बढ़ोतरी हुई है और यह 13.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 41.739 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। 
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फॉरेक्स रिजर्व फिर से घटा। - फोटो : pixabay
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विस्तार
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देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार गिरता जा रहा है और इस गिरावट को रोकने की आरबीआई की तमाम कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। छह मई को समाप्त हुए सप्ताह में एक बार फिर देश के फॉरेक्स रिजर्व में कमी आई है और यह 1.774 अरब डॉलर घटकर 595.954 अरब डॉलर रह गया है। यह लगातार आठवें हफ्ते आई बड़ी गिरावट है।  

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एफसीए में गिरावट बड़ी वजह
भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से आंकड़े जारी करते हुए कहा गया है कि विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार आ रही कमी दरअसल, विदेशी परिसंपत्ति आस्तियों या एफसीए में गिरावट की वजह से है। बीते सप्ताह एफसीए 1.968 अरब डॉलर घटकर 530.855 अरब डॉलर रह गया। यहां बता दें कि इससे पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डॉलर से नीचे 597.728 अरब डॉलर पर आ गया था। इसमें 2.695 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट आई थी।

छह महीने में 28.5 अरब डॉलर टूटा
विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार आ रही गिरावट के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी निवेशकों की जोरदार बिकवाली के चलते भारतीय मुद्रा रुपया दबाव में है। एक रिपोर्ट के अनुसार, बीते छह माह में देश के फॉरेक्स रिजर्व में 28.5 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई है। इस बीच भारत के स्वर्ण भंडार में बढ़ोतरी हुई है और छह मई को समाप्त हुए सप्ताह में यह 13.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 41.739 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।   
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आरबीआई ने तय किया ये लक्ष्य
आरबीआई इस समय महंगाई को कम करने, रुपये को मजबूत बनाने और विदेशी मुद्रा भंडार को 600 अरब डॉलर के ऊपर बरकरार रखने के तमाम प्रयास कर रही है। लेकिन ये कोशिशें फिलहाल नाकाम साबित होती दिख रही हैं। फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण डॉलर मजबूत है और इस समय 105 के स्तर पर पहुंच चुका है। बता दें कि हाल ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये ने अपने सर्वकालिक निचले स्तर को छुआ है। 

जनता पर बढ़ सकता है बोझ
विदेशी मुद्रा भंडार के 600 अरब डॉलर के नीचे आने के बाद आरबीआई ने कहा था कि उसका लक्ष्य फॉरेक्स रिजर्व को इस मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर रखना है। इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। लेकिन, बीते सप्ताह आई गिरावट के कारण रिजर्व टूटकर और भी नीचे पहुंच गया है। अब इसे थामना आरबीआई के लिए बड़ी चुनौती बनती नजर आ रही है। इस सबसे चलते देश में महंगाई और बढ़ने का खतरा भी मंडरा रहा है।   

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