केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरराष्ट्रीय निवेश सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में मजबूती लाने के लिए पांच क्षेत्रों व्यापार, प्रौद्योगिकी, संपर्क, उद्यमिता और स्वास्थ्य एवं पर्यटन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
दक्षिण एशियाई देशों में बांग्लादेश भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। इस समय यह व्यापार 10 अरब डॉलर से भी ज्यादा का हो गया है। दोनों पड़ोसी देश वृहद आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) को आगे बढ़ाने की दिशा में भी अग्रसर हैं।
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यह जानकारी केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय निवेश सम्मेलन को संबोधित करते हुए दी। गोयल ने कहा कि दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में मजबूती लाने के लिए पांच क्षेत्रों व्यापार, प्रौद्योगिकी, संपर्क, उद्यमिता और स्वास्थ्य एवं पर्यटन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। गोयल ने कहा कि बांग्लादेश और पूर्वी भारत के बीच निवेश की संभावनाओं को जमीन पर उतारने के लिए भी संपर्क बढ़ाना जरूरी है।
चौबीसों घंटे व्यापार के लिए बांग्लादेश की मंजूरी का इंतजार
वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार पेट्रापोल सीमा के जरिये माल के आयात और निर्यात में देरी को खत्म करने के लिए भारत को बांग्लादेश की तरफ से मंजूरी का इंतजार है। इससे पड़ोसी देश के साथ 24 घंटे आसानी से व्यापार किया जा सकेगा। केंद्र सरकार ने 25 अक्तूबर को एक आदेश में कहा था कि परीक्षण के आधार पर पेट्रापोल-बेनापोल सीमा तीन महीने तक 24 घंटे खुली रहेगी, लेकिन पड़ोसी देश की तरफ से मंजूरी नहीं मिलने से मामला अटका हुआ है।
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सीमा पर ट्रकों को 55 दिन रूकना पड़ रहा
इस बीच भारतीय निर्यातकों ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर भारतीय ट्रकों की लंबी प्रतीक्षा अवधि पर नाराजगी प्रकट की। अग्रणी औद्योगिक संगठन फिक्की का कहना है कि बांग्लादेश सीमा पर ट्रकों को 55 दिन तक इंतजार करना पड़ता है। बीते दिनों फिक्की ने केंद्रीय वाणिज्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम के समक्ष भी ट्रकों के लंबे समय तक रुकने के मुद्दे को उठाया था।