वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में लगातार कमी को लेकर सरकार गंभीर नजर आ रही है। सरकार ने इस क्रम में जीएसटी राजस्व संग्रह और प्रशासन में सुधार के वास्ते कदम सुझाने के लिए अधिकारियों की एक समिति का गठन किया है।
एक आधिकारिक आदेश में कहा गया, ‘समिति को व्यापक सुधारों पर विचार करना चाहिए, जिससे सुझावों की एक समग्र सूची सामने आ सकती है।’ समिति के विचारार्थ विषयों में दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी बदलाव और स्वैच्छिक अनुपालन में सुधार के उपाय सहित जीएसटी में व्यवस्थित बदलाव के बारे में सुझाव देना शामिल है।
इसके अलावा समिति को कर आधार बढ़ाने के लिए किए जाने वाले उपायों पर सलाह देने के लिए भी कहा गया है। आदेश में कहा गया कि नीतिगत उपाय किए जाने और कानून में बदलाव करने, अनुपालन निगरानी में सुधार और बेहतर डाटा विश्लेषण के इस्तेमाल और बेहतर प्रशासनिक समन्वय के द्वारा कर चोरी रोकना भी समिति की विषय सूची में शामिल है।
इसमें कहा गया कि समिति को जीएसटी परिषद सचिवालय में 15 दिन के भीतर अपनी पहली रिपोर्ट जा करनी होगी।
लगातार घट रहा है जीएसटी संग्रह
सितंबर में जीएसटी संग्रह घटकर 91,916 करोड़ रुपये रह गया, जो अगस्त की तुलना में 6,286 करोड़ रुपये कम है। अगस्त में जीएसटी संग्रह 98,202 करोड़ रुपये रहा था। जीएसटी संग्रह में कमी से अर्थव्यवस्था में सुस्ती का संकेत मिलता है। वित्त मंत्रालय केआंकड़ों के अनुसार यह लगातार दूसरा महीना है जबकि जीएसटी संग्रह घटा है। एक साल पहले समान महीने (सितंबर, 2018) में जीएसटी संग्रह 94,442 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि, विशेषज्ञों को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने की वजह से अक्टूबर में जीएसटी संग्रह का आंकड़ा बेहतर रहेगा।