जन वितरण प्रणाली के तहत देशभर में खाद्यान्नों का वितरण सुचारू रूप से हो सके, इसके लिए केंद्र और राज्यों के सभी खाद्यान्न गोदाम ऑनलाइन किए जाएंगे। साथ ही इन गोदामों को एक-दूसरे से जोड़ा भी जाएगा। इस कार्य को अगले कुछ महीनों में पूरा कर लिया जाएगा।
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने बृहस्पतिवार को राज्यों के खाद्य सचिवों के साथ बैठक में यह जानकारी दी। बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले छह महीने के भीतर सभी राज्यों के भंडारण निगमों को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के डीपो ऑनलाइन सिस्टम (डीओएस) से जोड़ दिया जाएगा।
इसके लिए एफसीआई को इंटरनेट गेटवे बनाना होगा, जिसके लिए चार महीने का समय दिया गया है। उसके बाद अगले दो महीने में सभी राज्यों को इससे जोड़ने का लक्ष्य है। पासवान ने कहा कि अभी देश में करीब 81 करोड़ लाभार्थियों को हर साल करीब 612 लाख टन अनाज का वितरण होता है।
जन वितरण प्रणाली के तहत वितरित होने वाले खाद्यान्नों का भंडारण एफसीआई के गोदामों के अलावा केंद्रीय भडारण निगम के गोदामों में और राज्य भंडारण निगम के गोदामों में होता है। जरूरत पड़ने पर निजी गोदामों में भी भंडारण होता है। इन सबके बीच अभी तक तंत्र नहीं बना है, इसलिए सभी गोदामों को ऑनलाइन कर उसे आपस में जोड़ा जा रहा है।
उनके मुताबिक, खाद्य सुरक्षा कानून के सुचारू रूप से संचालन और अनाजों के भंडारण एवं वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए पूरी व्यवस्था का डिजिटलीकरण करना बेहद जरूरी है।
मिलेगी खाद्यान्न की ऑनलाइन जानकारी
पासवान ने बताया कि एफसीआई ने अपने सभी गोदामों को ऑनलाइन कर दिया है, जबकि केंद्रीय भंडारण निगम के 144 डिपो अभी तक ऑनलाइन हो गए हैं। एफसीआई ने अपनी अनाज खरीद की प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी है। सभी राज्यों के गोदामों को ऑनलाइन होने पर एफसीआई और राज्यों के बीच खाद्यान्न से संबंधित सूचना का आदान-प्रदान ऑनलाइन होगा। इससे यह भी पता चलेगा कि किस मंडी से कितना अनाज खरीदा गया, किस गोदाम में कितने दिन रहा और वितरण के लिए कब दिया गया। इसे कहीं से भी अन्न वितरण पोर्टल पर देखा जा सकेगा।