माल व सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने ऑनलाइन गेमिंग पर 28 प्रतिशत कर लगाने पर सहमति जताई है। सिनेमाघर के अंदर खाने-पीने के सामान भी अब सस्ते हो जाएंगे। जीएसटी परिषद की 50वीं बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि हमने निजी संगठनों द्वारा प्रदान की जाने वाली उपग्रह प्रक्षेपण सेवाओं के लिए जीएसटी पर छूट की पेशकश की है। इसके अलावा ऑनलाइन गेमिंग, हॉर्स रेसिंग और कैसिनो पर 28% (सभी तीन गतिविधियों) कर लगेगा और यह कर पूर्ण अंकित मूल्य पर कर लगाया जाएगा।
उससे पहले पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि परिषद ने कैंसर की दवा डिनुटुक्सिमैब और दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली विशेष चिकित्सा उद्देश्यों के लिए खाद्य (Food for Special Medical Purpose (FSMP) के आयात पर जीएसटी से छूट को भी मंजूरी दे दी है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, जीएसटी परिषद ने फैसला किया है कि ऑनलाइन गेमिंग, कैसिनो और हॉर्स रेसिंग पर प्रवेश बिंदु पर सट्टा के पूरे अंकित मूल्य पर 28 प्रतिशत की दर से कर लगेगा। मंत्री ने कहा कि जीएसटी कानून में बदलाव किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ये तीनों लॉटरी और सट्टेबाजी की तरह कार्रवाई योग्य दावे नहीं हैं। महाराष्ट्र के वन सांस्कृतिक और मत्स्य पालन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि परिषद ने ऑनलाइन गेमिंग के मामले में कौशल और अवसर के खेल के अंतर को खत्म करने का फैसला किया है। इन पर कुल फेस वैल्यू का 28 प्रतिशत टैक्स देय होगा। मुनगंटीवार ने आगे कहा कि परिषद ने अपीलीय न्यायाधिकरणों की स्थापना को भी मंजूरी दे दी है।
हालांकि फिक्की गेमिंग कमिटी के प्रतिनिधित्व वाली शीर्ष ऑनलाइन गेमिंग फर्मों के एक समूह ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) से इस क्षेत्र के लिए जीएसटी दर को बढ़ाकर 28 प्रतिशत नहीं करने का आग्रह किया था। उनकी ओर से कहा गया, "ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के अस्तित्व के लिए यह बेहद हानिकारक होगा क्योंकि कोई भी व्यावसायिक संचालन इस तरह के उच्च कर के साथ जारी नहीं रह सकता है।"
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 50वीं बैठक मंगलवार को शुरू हुई। बैठक शुरू होने के पहले से ही अटकलें लग रही थीं कि जीएसटी परिषद (GST Council) की इस बार की बैठक में ऑनलाइन गेमिंग पर कराधान, उपयोगिता वाहनों की परिभाषा के अलावा पंजीकरण और इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) दावों के लिए नियमों को कड़ा करने पर विचार होगा।
राष्ट्रीय राजधानी में हो रही बैठक की शुरुआत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘जीएसटी परिषद- यात्रा की ओर 50 कदम’ नाम से एक लघु फिल्म जारी की। दूसरी ओर, वित्त मंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया गया, ‘‘अबतक हुई 49 बैठकों में परिषद ने सहकारी संघवाद की भावना के साथ लगभग 1,500 निर्णय लिए हैं।’’ ट्वीट के अनुसार, ‘‘50वीं बैठक एक मील का पत्थर है, जो सहकारी संघवाद की सफलता और एक अच्छी और सरल कर व्यवस्था की स्थापना का संकेत देती है।’’ बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री भी शामिल हैं।
परिषद ने सिनेमा टिकटों की बिक्री और पॉपकॉर्न या कोल्ड ड्रिंक आदि जैसे खाद्य पदार्थों की आपूर्ति पर लगने वाले कर के मामले में भी बड़ा फैसला लिया है। परिषद ने सिनेप्लेक्स के भीतर बिकने वाले खाद्य पदार्थों पर जीएसटी 18 प्रतिशत के बजाय 5 प्रतिशत करने की घोषणा की है। पहले 100 रुपये से कम के सिनेमा टिकट पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता था, जबकि उससे अधिक के टिकटों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता था। इसके साथ ही जिन अन्य उत्पादों पर जीएसटी में कटौती की गई है, उनमें बिना पका हुआ खाद्य पैलेट, मछली और घुलनशील पेस्ट शामिल हैं। इन पर कर की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है।