केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं और भारत में निवेश करने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित कर रही हैं। मंगलवार को सैन फ्रांसिस्को में 'भारत की डिजिटल क्रांति में निवेश' विषय पर आयोजित एक गोलमेज सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिया कि सरकार देश में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सभी समस्याओं को दूर करने के लिए हरसंभव उपाय करेगी।
निवेशकों की चिंताओं पर देंगे ध्यान
सम्मेलन को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारत में निवेशकों के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। केंद्र सरकार निवेशकों की चिंताओं को समझने और उनका समाधान करने का वादा करती है। उन्होंने कहा कि वह सुझाव लेने, परेशानी की वजह समझने और जहां भी संभव हो, जरूरी उपाय करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इस दौरान सिलिकॉन वैली के निवेशकों ने कहा कि भारत में यूनिकॉर्न कंपनियां तैयार करने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
डिजिटलीकरण की दिशा में अग्रसर
वित्त मंत्रालय की ओर से ट्वीट के जरिए कहा गया कि वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा है कि भारत ने डिजिटलीकरण की दिशा में 2023 तक डिजिटल मुद्रा की शुरुआत की घोषणा की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वित्तीय समावेशन इसका एकमात्र उद्देश्य नहीं होगा, क्योंकि भारत पहले ही अधिक से अधिक वित्तीय समावेशन की ओर अग्रसर है। इससे पहले दिन में वित्त मंत्री ने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ रहे छात्रों के साथ बातचीत की।
भारत क्रिप्टोकरेंसी पर सोच-विचार कर निर्णय करेगा: सीतारमण
सीतारमण ने क्रिप्टोकरेंसी के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए कहा कि भारत इस डिजिटल मुद्रा के नियमन को लेकर सोच-विचार कर निर्णय करेगा। उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान बातचीत में कहा कि क्रिप्टो पर निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया जाएगा। सीतारमण ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि जो भी उपलब्ध जानकारी है, उसके आधार पर उचित निर्णय लिया जाए। इसमें जल्दबाजी नहीं की जा सकती। इसमें समय लगेगा।