निवेश (Investment) अपनी फाइनेंशियल कंडीशन को बेहतर बनाने का एक ऐसा तरीका, जिसमें आप अपने पैसे सेविंग्स के ऐसे मोड में रखना चाहेंगे, जहां जमा किए गए मूल धन में लगातार बढ़ोतरी होती रहे। हालांकि, निवेश कोई लॉटरी नहीं है, जो अचानक आपको मालामाल कर देगा, बल्कि ये एक ऐसा प्रोसेस है, जिसमें आपको लगातार निवेश के जोखिम और पैसे के रिटर्न पर पैनी नजर बनाए रखनी होती है, जिससे आपके पैसे आने वाले फ्यूचर की जरूरतों के लिए सही समय पर उपलब्ध हो सकें। निवेश के लिए कैसा होना चाहिए आपका नजरिया? हम आज के अपने इस अंक में निवेश की ऐसी ही कुछ स्ट्रेटजी पर चर्चा करने जा रहे हैं, जिसकी जानकारी आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है, तो आइए शुरू करें...
1. स्टॉक मार्केट: दोस्तों स्टॉक मार्केट निवेश का वह मौका है, जिसमें हर वर्ग के लोग अपनी अवधि के हिसाब से पैसों का निवेश कर सकते हैं। हालांकि, यह एक ऐसा तरीका है, जिसमें ये माना जाता है कि आप जितना अधिक जोखिम लेंगे उतना ही अधिक धन बना सकेंगे, साथ ही आपको उतने ही अधिक नुकसान का भी जोखिम उठाना पड़ सकता है। वैसे इस तरह के निवेश में सफलता पाने वालों का यह मानना है कि लंबी अवधि के लिए किए गए
निवेश पर अच्छे मुनाफे की उम्मीद अधिक होती है।
2. म्यूचुअल फंड: यह उन लोगों के लिए निवेश का ऐसा तरीका है, जिन्हें स्टॉक मार्केट की कम समझ होती है बावजूद इसके वे थोड़ा जोखिम उठाने को तैयार होते हैं। म्यूचुअल फंड कंपनियां इस निवेश के अंतर्गत आप के धन को इक्विटी या डेट फंड में अच्छे-खासे रिसर्च के बाद निवेश करती हैं जिससे आपका जोखिम काफी कम हो जाता है क्योंकि आप का जोखिम अलग-अलग कंपनियों के प्रदर्शन के हिसाब से या लगभग एक फिक्स प्रतिशत के अनुसार तय किया जाता है। इसमें भी लंबी अवधि के निवेश की ही सलाह दी जाती है।
3. इंश्योरेंस: यह निवेश का एक ऐसा तरीका है जिसमें सभी को कुछ न कुछ निवेश करने की सलाह दी जाती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस निवेश के अनुसार आपका धन तो बढ़ता ही है साथ ही आपके या परिवार के साथ कुछ अप्रिय घटना की स्थिति में आपको/परिवार को एकमुश्त (इकठ्ठा) रकम इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्राप्त होती है। इस धन के इस्तेमाल से हालांकि आपकी क्षति तो पूरी नहीं होगी, लेकिन आपके जीवन की जरूरतों में धन की कमी की वजह से कोई विराम नहीं लग पाएगा। इस निवेश में आपको आयकर छूट का भी लाभ प्राप्त होता है।
4. पब्लिक प्रोविडेंट फंड: दोस्तों निवेश के इस तरीके के अनुसार आप भारत सरकार के नियम के तहत वर्ष का 1.5 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते हैं। जिसमें आपको वर्ष का कम से कम 500 रुपये का निवेश इस निवेश को चालू रखने के लिए करना अनिवार्य है। वित्तीय सरकार प्रति वर्ष एक ब्याज दर घोषित करती है, जो कि आपके किए गए निवेश पर लागू होता है और आपको उसी ब्याज दर के अनुसार आपकी निवेशित राशि पर ब्याज प्राप्त होता है। यह निवेश आपको 15 वर्ष की अवधि के लिए करना होता है जिसके पूरा होने पर आप इसे 5 वर्ष के लिए बढ़ा भी सकते हैं। साथ ही आयकर की भी छूट प्राप्त कर सकते हैं।
5. नेशनल पेंशन स्कीम (NPS): भारत सरकार ने जब 2004 में सरकारी कर्मचारियों की पेंशन बंद कर दी, तब NPS की शुरुआत हुई थी। हालांकि इसमें अब कोई भी भारतीय नागरिक कुछ पात्रता मानदंडों (eligibility criteria) को पूरा करके निवेश कर सकता है। इस स्कीम के तहत आपकी निवेशित राशि को स्टॉक मार्केट के साथ-साथ और भी जगहों पर लगाने का विकल्प मौजूद है जो कम जोखिम लेने वालों के लिए बेतरीन अवसर है। इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको आयकर की धारा 80CCC के तहत 1.50 लाख रुपये के मिलने वाले छूट के अलावा आयकर की धारा 80CCD के तहत 50,000 रुपये अतिरिक्त आयकर छूट प्राप्त होती है।
ऊपर दिए गए सुझाव आपके फाइनेंशियल जोखिम को कम करने और निवेश से जुड़ी जानकारियों को आप तक पहुंचाने का एक प्रयास हैं ताकि आप अपने आने वाले कल को बेहतर बना सकें।