जानकारी के मुताबिक, जहाज का नाम ‘मिलाहा रास लफ्फान’ है। यह जापान से यहां पहुंचा है। इसके एक अप्रैल को सुबह धामरा बंदरगाह पर पहुंचने की खबर है। इस जहाज के जरिए प्राकृतिक गैस की 2.6 लाख करोड़ ब्रिटिश थर्मल यूनिट अपने जमे हुए रूप (एलएनजी) में लाई गई है।
अदाणी समूह और फ्रांसीसी कंपनी टोटल एनर्जीज के ओडिशा में धामरा स्थिति नवनिर्मित एलएनजी इकाई पर तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की पहली खेप पहुंच गई है। यह इकाई 6,000 करोड़ रुपये में बनकर तैयार हुई है। एलएनजी का उपयोग इस्पात बनाने, उर्वरकों के उत्पादन, सीएनजी और खाना पकाने वाली गैस में बदलने में किया जाएगा। इससे पूर्वी भारत के परिदृश्य को बदलने में मदद मिलेगी।
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जानकारी के मुताबिक, जहाज का नाम ‘मिलाहा रास लफ्फान’ है। यह जापान से यहां पहुंचा है। इसके एक अप्रैल को सुबह धामरा बंदरगाह पर पहुंचने की खबर है। इस जहाज के जरिए प्राकृतिक गैस की 2.6 लाख करोड़ ब्रिटिश थर्मल यूनिट अपने जमे हुए रूप (एलएनजी) में लाई गई है। इसका इस्तेमाल इकाई के परिचालन में किया जाएगा।
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) करण अदाणी ने लिंक्डइन पर लिखा कि ओडिशा के स्थापना दिन उत्कल दिवस पर अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड धामरा बंदरगाह पर ‘मिलाह रस लफ्फान’ से आई एलएनजी की पहली खेप का स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। यह न केवल स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा तक पहुंच में, बल्कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र को कार्बनरहित करने में भी एक बड़ा कदम है। इसे चालू करने और परीक्षण में 45 दिन तक का समय लग जाएगा।
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धामरा पूर्वी भारत में एकमात्र एलएनजी आयात टर्मिनल है। पूरे पूर्वी तट पर केवल यह दूसरा टर्मिनल है। देश के पांच अन्य टर्मिनल इसके पश्चिमी तट पर हैं। इसमें तीन गुजरात में, एक-एक महाराष्ट्र और केरल में हैं। अदाणी टोटल प्राइवेट लिमिटेड में अदाणी समूह और टोटल एनर्जी एसई दोनों की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी है।