देश में पहली बार जारी मासिक बेरोजगारी के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल महीने में इसकी दर 5.1 प्रतिशत रही। गुरुवार को सरकार की ओर से इससे जुड़े आंकड़े जारी किए गए। सांख्यिकी व कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने देश में नौकरियों के लिए पात्र लोगों में बेरोजगार लोगों के अनुपात की वास्तविक समय पर निगरानी करने के प्रयासों के तहत पहला मासिक आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) जारी किया। अब तक श्रम बल सर्वेक्षण तिमाही के साथ-साथ वार्षिक आधार पर भी जारी किया जाता था।
साप्ताहिक स्थिति (सीडब्ल्यूएस) में एकत्र किए गए नवीनतम आंकड़ों से पता चला है कि अप्रैल 2025 के दौरान सभी उम्र के व्यक्तियों के लिए बेरोजगारी दर 5.1 प्रतिशत रही। इस दौरान, पुरुषों में बेरोजगारी की दर 5.2 प्रतिशत रही, जबकि महिलाओं में यह दर 5 प्रतिशत रही।
देश में 15-29 वर्ष आयु वर्ग के पुरुषों में बेरोजगारी दर 13.6 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि शहरों में यह 15 प्रतिशत और गांवों में 13 प्रतिशत थी। आंकड़ों से यह भी पता चला कि अप्रैल 2025 के दौरान 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) 55.6 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में भागीदारी दर 58.0 प्रतिशत थी जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 50.7 प्रतिशत थी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों में एलएफपीआर क्रमशः 79.0 प्रतिशत और 75.3 प्रतिशत थी। अप्रैल 2025 के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं में श्रम बल भागीदारी की दर 38.2 प्रतिशत थी।
एलएफपीआर जनसंख्या में श्रम बल (अर्थात् काम करने वाले, काम की तलाश करने वाले या काम के लिए उपलब्ध) में शामिल व्यक्तियों के प्रतिशत को संदर्भित करता है। जबकि श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) कुल जनसंख्या में कार्यरत लोगों के अनुपात को परिभाषित करता है।
आंकड़ों के अनुसार अप्रैल माह में ग्रामीण क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में डब्ल्यूपीआर 55.4 प्रतिशत थी। शहरी क्षेत्रों में यह अनुपात 47.4 प्रतिशत था, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर समग्र WPR पिछले महीने 52.8 प्रतिशत दर्ज की गई। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं में WPR क्रमशः 36.8 प्रतिशत और 23.5 प्रतिशत थी। देश स्तर पर समान आयु वर्ग की समग्र महिला WPR 32.5 प्रतिशत थी। उन्नत कवरेज के साथ उच्च आवृत्ति वाले श्रम बल संकेतकों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, जनवरी 2025 से पीएलएफएस की नमूना पद्धति में सुधार किया गया है। अप्रैल 2025 के दौरान देश भर में कुल 7,511 प्रथम चरण नमूना इकाइयों का सर्वेक्षण किया गया है।