फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fintech Companies: कई फिनटेक कंपनियां चीन चला रहा, 940 करोड़ की काली कमाई

Thu, 07 Jul 2022 07:07 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली। 

सार

मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में ईडी ने पाया कि इन्होंने एनबीएफसी के साथ करार किया और अवैध रूप से तत्काल कर्ज मुहैया कराने के धंधे में घुस गए। ईडी ने हाल ही में 86.65 करोड़ रुपये अटैच किए हैं।
विज्ञापन
प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दावा किया है कि चीनी फंडिंग से चल रहीं कई फिनटेक कंपनियों व घरेलू गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) ने 940 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की है। देश में संचालन करते हुए इन कंपनियों ने आरबीआई के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया और उधार देकर लोगों को लूटा।

विज्ञापन


ईडी ने बुधवार को दावा किया कि ये कंपनियां कुछ चीनी व हांगकांग के लोगों के इशारों पर काम कर रहीं थीं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में ईडी ने पाया कि इन्होंने एनबीएफसी के साथ करार किया और अवैध रूप से तत्काल कर्ज मुहैया कराने के धंधे में घुस गए। ईडी ने हाल ही में 86.65 करोड़ रुपये अटैच किए हैं।

यह रकम कुल 155 बैंकों और कुडोस फाइनेंस, एस मनी इंडिया लि., राइनो फाइनेंस प्रा. लि. और पायनियर फाइनेंशियल एंड मैनेजमेंट सर्विसेज प्रा. लि. जैसी फिनटेक कंपनियों के पेमेंट गेटवे में मौजूद थी। इस रकम को अटैच करने का अनंतिम आदेश मनी लॉन्ड्रिंग संरक्षण कानून की आपराधिक धाराओं के तहत जारी हुआ था। 
विज्ञापन


निष्क्रिय कंपनियों से करती हैं करार
ईडी ने कहा, ये एनबीएफसी 7 से 30 दिन के लिए पर्सनल लोन देती हैं। फिनटेक कंपनियां लोगों को उधार देने के लिए भारत की निष्क्रिय कंपनियों से करार करती हैं, ताकि उनका लाइसेंस बचा रहे। ईडी ने पाया कि फिनटेक कंपनियों को रिजर्व बैंक से एनबीएफसी का नया लाइसेंस नहीं मिल पाता।

nग्राहकों को जोड़ने का दिखावा : ऐसा दिखाया जाता है कि एनबीएफसी ने ग्राहकों को जोड़ने के लिए कंपनियों की सेवा ली है, जबकि आसानी से लाइसेंस प्राप्त करने के लिए ऐसा करती हैं। इस मामले में ईडी ने अब तक कुल 158.97 करोड़ रुपये जब्त किए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें