इसे सरकारी क्षेत्र की उन परियोजनाओं में लगाया जाएगा, जो अर्थव्यवस्था में कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करती हैं। इसके जरिए सरकार का मकसद विदेशी निवेशकों को लुभाने की है।
केंद्र सरकार जल्द ही सॉवरेन हरित बॉन्ड जारी कर सकती है। वित्त मंत्रालय ने वैश्विक मानक के हिसाब से इसकी रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया है। चालू वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी छमाही यानी अक्तूबर से मार्च के बीच ग्रीन बॉन्ड जारी करके 16,000 करोड़ रुपये जुटाया जा सकता है। यह दूसरी छमाही के लिए उधारी कार्यक्रम का एक हिस्सा है। इसकी घोषणा इस साल के बजट में की गई थी।
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सूत्रों ने कहा, रूपरेखा तैयार है। इसे जल्द ही मंजूरी दी जाएगी। इसे सरकारी क्षेत्र की उन परियोजनाओं में लगाया जाएगा, जो अर्थव्यवस्था में कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करती हैं। इसके जरिए सरकार का मकसद विदेशी निवेशकों को लुभाने की है। अभी कई घरेलू और विदेशी निवेशक ऐसे हैं, जो बॉन्ड में पैसा लगाना चाहते हैं।
2023-24 में 5.5% की धीमी गति से बढ़ेगी जीडीपी : यूबीएस इंडिया
भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2023-24 में घटकर 5.5 फीसदी रह सकती है। इसके चालू वित्त वर्ष 2022-23 में 6.9 फीसदी रहने का अनुमान है। यूबीएस इंडिया के अर्थशास्त्रियों ने कहा, वैश्विक वृद्धि दर में सुस्ती व सख्त मौद्रिक नीतियों से घरेलू जीडीपी की रफ्तार घटेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दुनिया में कम प्रभावित अर्थव्यवस्थाओं’ में से एक होगा। फिर भी पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था वैश्विक प्रतिकूलताओं से बच नहीं पाएगी।