वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अगले सप्ताह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसबी) के प्रमुखों के साथ बैठक करेंगी। इस बैठक में लेंडर्स के प्रदर्शन और कोविड-19 महामारी से पस्त अर्थव्यवस्था का समर्थन करने में बैंकों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा भी इस महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जानी संभव है।
दो दिवसीय बैठक में होगी सरकारी योजनाओं की समीक्षा
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैंकों से अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार में तेजी लाने के लिए उत्पादक क्षेत्रों के लिए लोन मंजूर करने का आग्रह किया जाएगा। यह दो दिवसीय बैठक 17 नवंबर से शुरू होगी। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा और आत्मानिर्भर भारत अभियान सहित दूसरी सरकारी योजनाओं में प्रगति की समीक्षा की जाएगी। बैंक प्रमुखों के अलावा अलग-अलग मंत्रालयों के शीर्ष अधिकारी भी बैठक में हिस्सा लेगें और बैंकों के साथ प्रमुख मुद्दों को उजागर करने और प्रक्रिया को सुगम बनाने के तरीके सुझाएंगे। इसके अलावा सूत्रों की मानें तो आरबीआई द्वारा घोषित 2.0 योजना के पुनर्गठन पर प्रगति और बैठक के दौरान 4.5 लाख करोड़ रुपये की आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) की समीक्षा होनी है।
अक्तूबर के अंत तक मंजूर हुए 63574 करोड़ रुपये के लोन
16 अक्टूबर को सरकार के राष्ट्रव्यापी क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसके बाद देश भर के बैंकों ने अक्तूबर के अंत तक यानी 31 अक्तूबर तक आयोजित 10,580 शिविरों के माध्यम से कुल 63,574 करोड़ रुपये के 13.84 लाख लोन मंजूर किए हैं। वित्त मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 3.2 लाख लाभार्थियों को बिजनेस लोन में 21,687.23 करोड़ रुपये मंजूर किए गए, जबकि 4,560,39 करोड़ रुपये के व्हीकल लोन 59,090 उधारकर्ताओं को स्वीकृत किए गए।