वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार को कतर के विदेश व्यापार मामलों के राज्य मंत्री अहमद बिन मोहम्मद अल-सईद से मिलीं। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश समेत अन्य मुद्दों पर बातचीत की। चर्चा के दौरान, वित्त मंत्री सीतारमण ने कतर के मंत्री को पिछले दशक में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए भारत की ओर से उठाए गए परिवर्तनकारी कदमों के बारे में बताया।
वित्त मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "दोनों मंत्रियों ने भारत और कतर के बीच 'रणनीतिक साझेदारी' के तहत द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।" कतरी प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि भारत की आर्थिक वृद्धि और तकनीकी विकास को देखते हुए वे भारत में निवेश के अच्छे अवसर देखते हैं। इसके अलावा, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कतर के विदेश व्यापार राज्य मंत्री अहमद बिन मोहम्मद अल-सईद और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक में भाग लिया।
चौधरी ने कहा, "इस ऐतिहासिक द्विपक्षीय वार्ता में भारत और कतर के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग के नए रास्ते खोलने के उद्देश्य से गहन चर्चा हुई। द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने, व्यापार के अवसरों का विस्तार करने और उभरते क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।"
भारत-भूटान के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौते पर हस्ताक्षर
भारत और भूटान ने कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। गुरुवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी और भूटान सरकार के कृषि व पशुधन मंत्रालय के सचिव थिनले नामग्याल ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के लिए थिम्पू में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती और ग्रामीण समृद्धि के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बयान में कहा गया है, "यह समझौता ज्ञापन में उल्लिखित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक रूपरेखा के रूप में काम करेगा, जिसमें कृषि अनुसंधान और नवाचार, पशुधन स्वास्थ्य और उत्पादन, फसल-पश्चात प्रबंधन, मूल्य शृंखला विकास और ज्ञान, कौशल और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान शामिल है।"