सरकार ने सोमवार को अनुदान की अनुपूरक मांगों के पहले बैच के तहत 2,35,852 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय के लिए संसद से मंजूरी मांगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निचले सदन में वर्ष 2020-21 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगें पेश की।
इसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत 40 हजार करोड़ रुपये के अधिक व्यय की मंजूरी मांगी गई है। इसमें कहा गया है कि, 'संसद से 2,35,852.87 करोड़ रुपये के सकल अतिरिक्त व्यय को अधकृत करने के लिए संसद का अनुमोदन मांगा जाता है।'
1,66,989.91 करोड़ रुपये है नकद व्यय
वर्ष 2020-21 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के पहले बैच संबंधी दस्तावेज के अनुसार, इसमें निवल नकद व्यय 1,66,989.91 करोड़ रुपये कर है और विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों की बचत और बढ़ी हुई प्राप्तियों या वसूलियों के जरिए 68,868.33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा।'
15वें वित्त आयोग की सिफारिश पर 46,602.43 करोड़ की मांग
सरकार ने 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप केंद्रीय कर में हिस्सेदारी के बाद राजस्व घाटा की भारपायी के उद्देश्य से राज्यों को अतिरिक्त आवंटन के लिए 46,602.43 करोड़ रुपये की मांग की।
वर्ष 2020-21 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के पहले बैच में 54 अनुदान और एक विनियोग शामिल है।