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सुस्त अर्थव्यवस्था में जान डालने के लिए सरकार ने किए बड़े एलान, लोन लेना होगा सस्ता

Fri, 23 Aug 2019 08:54 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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nirmala sitharaman - फोटो : PTI
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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था में व्याप्त मंदी को दरकिनार करते हुए कहा कि आर्थिक सुधार पर सरकार लगातार काम कर रही है। इसके साथ ही पूरी दुनिया में इस वक्त मंदी का माहौल छाया हुआ है, लेकिन भारत में इसका असर नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही सरकार ने विदेशी संस्थागत निवेशकों से कैपिटल गेन्स टैक्स वापस लेने की घोषणा कर दी है। इसकी घोषणा बजट में की गई थी, जिसके बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। 

सबसे ऊपर ग्रोथ का एजेंडा

वित्त मंत्री ने कहा कि हम प्री-फिल्ड आईटी रिटर्न की तरफ बढ़ रहा है। हमारी अर्थव्यवस्था का मोमेंटम खत्म नहीं हुआ है। हमारे लिए ग्रोथ का एजेंडा सबसे ऊपर है। इसके साथ ही ESIC मे भी राहत का एलान किया है। अधिग्रहण-विलय के लिए आसानी से अनुमति मिल रही है। इसके साथ ही डिफरेंशियल वोटिंग राइट्स में भी संशोधन किया गया है।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर हालत में हैं। दुनिया के मुकाबले भारत में किसी भी तरह का बुरा हाल नहीं है। पुरी दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है। कई संस्थाओं का कहना है कि ग्लोबल डिमांड कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा, अमेरिका और जर्मनी में यील्ड कर्व्स उल्टा हो गया है। इससे यह साफ पता चल रहा है कि इन देशों में उपभोग घट गया है।

टैक्स के मोर्चे पर बदलाव

निर्मला सीतारमण ने कहा, सभी टैक्स असेसमेंट का काम तीन महीने के भीतर पूरा किया जाएगा। स्टार्टअप रजिस्टर्ड कराने के दौरान इनकम टैक्स का सेक्शन 56 2(b) लागू नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने स्टार्टअप्स के लिए एंजेल टैक्स खत्म कर दिया है। 

बैंकों को राहत

बैंकिंग सेक्टर के लिए राहत का एलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों के लिए 70,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे बैंक पांच लाख करोड़ रुपये के लोन बांट पाएंगे। उन्होंने कहा बैंक अपने एमसीएलआर में कटौती करेंगे ताकि रेपो रेट में कमी का फायदा ग्राहकों को मिल सके। बैंकों ने फैसला किया है कि वे रेपो-रेट से लिंक्ड प्रोडक्ट्स लॉन्च करेंगे। सीतारमण ने कहा कि सरकार बैंक लोन बंद होने के 15 दिनों के भीतर डॉक्यूमेंट ग्राहकों को वापस करेंगे। 

2014 से सरकार आर्थिक सुधार पर काम कर रही है। सरकार के एजेंडे में अर्थव्यवस्था में लगातार सुधार करने पर काम हो रहा है।  वित्त मंत्री ने कहा कि चीन और अमेरिका में व्यापार युद्ध का असर देखने को मिल रहा है। विश्व भर की सभी जीडीपी की ग्रोथ इस साल 3.2 फीसदी रहने की संभावना है, और इसमें भी गिरावट हो सकती है। 
 

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- फोटो : PTI
वित्तमंत्री ने कहा कि जीएसटी को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है। विजयादशमी से टैक्स विवाद दूर होंगे। इस दिन से लोगों के पास किसी तरह का कोई अधिकारी पूछताछ नहीं करने आएगा।  इसके साथ ही सरकार टैक्स और लेबर कानून में भी सुधार जारी हैं। 

इससे पहले सुबह से वित्त मंत्री की सचिवों के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी है। सूत्रों को मुताबिक बैठक से पहले अधिकारियों ने पीएमओ में प्रजेंटेशन दिया है। पीएमओ ने फाइनेंशियल मार्केट और इंफ्रा पर सुझाव दिए हैं। भारत के लिए ग्रोथ का एजेंडा सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि सरकार को मौजूदा आर्थिक हालात की चिंताओं का पूरा अंदाजा है। 

विदेशी संस्थागत निवेशकों को बड़ी राहत

वित्त मंत्री ने विदेशी संस्थागत निवेशकों को बड़ी राहत देते हुए कहा कि कैपिटल मार्केट में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एफपीआई पर सरचार्ज हटाने का फैसला किया गया है। इससे बाजार में पूंजी का प्रवाह फिर से पहले की तरह हो सकेगा।  घरेलू निवेशकों के लिए भी इनकम टैक्स सरचार्ज की बढ़ोत्तरी रद्द कर दी गई है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि इक्विटी के लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर सरचार्ज बढ़ोत्तरी के फैसले को भी वापस लिया गया है।

सीएसआर को दी राहत

वित्त मंत्री ने कहा कि कंपनियों को सीएसआर में छूट दी गई है। अगर कोई कंपनी इसका उल्लंघन करती है तो फिर उसके आपराधिक मामला नहीं माना जाएगा। एक अक्तूबर से सभी तरह के आयकर आदेश, नोटिस, समन, पत्र आदि एक सेंट्रलाइज कंप्यूटर सिस्टम से जारी किए जाएंगे। 

Finance Minister Nirmala Sitharaman:There will be faceless scrutiny from 'Vijay Dashmi' this year, which will mean that there shall not be even, that one odd over-enthusiastic officer who might go and sit & talk about things, which may be construed as harassment. https://t.co/wNKiO9eb82

nirmala sitharaman - फोटो : PTI

छोटे व मझोले उद्योगों को सरकार ने दी राहत, 30 दिन में मिलेगा जीएसटी रिफंड


सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को शुक्रवार को बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि एमएसएमई के अब तक के सभी लंबित जीएसटी रिफंड का भुगतान 30 दिन के भीतर कर दिया जाएगा। 

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में रिफंड मामलों को 60 दिन के भीतर निपटा दिया जाएगा। एमएसएमई के रिफंड आवेदन करने के 60 दिन के भीतर उनको भुगतान किया जाएगा। उन्होंने आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए कई उदम उठाने की भी घोषणा की। 

सीतारमण ने कहा कि यू.के. सिन्हा समिति की सिफारिशों पर 30 दिन के भीतर फैसला लिया जाएगा। ये सिफारिशें एमएसएमई के लंबित पड़े भुगतानों, प्रौद्योगिकी, विपणन, कर्ज की आसान उपलब्धता से जुड़ी हैं। सरकार एकल परिभाषा की ओर बढ़ने के लिए एमएसएमई अधिनियम में संशोधन पर भी विचार करेगी 

सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में एमएसएमई क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 29 प्रतिशत है। यह क्षेत्र नौकरियां सृजित करने वाले सबसे बड़े क्षेत्रों में से एक है।
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nirmala sitharaman - फोटो : PTI

आवासीय परियोजनाओं के लिए पूंजी प्रवाह बढ़ाने का प्रस्ताव

 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को बुनियादी ढांचा और आवासीय परियोजनाओं के लिए कर्ज की स्थिति सुधारने के लिए एक संगठन बनाने का प्रस्ताव किया। इस कदम का उद्देश्य इन परियोजनाओं के लिए पूंजी प्रवाह बढ़ाना है। 

सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए कदमों की घोषणा करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि घरेलू बांड बाजार में सुधार के लिए वित्त मंत्रालय आरबीआई के साथ मिलकर काम करेगा ताकि बांड बाजार को निवेशकों और बांड जारीकर्ताओं के लिए अधिक अनुकूल बनाया जा सके। 

सरकार रिजर्व बैंक और बाजार नियामक सेबी के साथ बातचीत के बाद फंसे कर्ज की अदला-बदली के बाजार को विकसित करने के मामले में आगे कदम उठाएगी। वित्त मंत्री ने श्रम सुधार , निवेश बढ़ाने के लिए दिवाला कानून में संशोधन जैसे कदमों के बारे में भी जानकारी दी।
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