इटली दौरे पर गईं केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रवासी भारतीयों को मोदी सरकार की उपलब्धियां बताईं। उन्होंने कहा कि कई सरकारें अकुशल वितरण तंत्र के कारण दशकों तक जो हासिल नहीं कर सकीं, वह पिछले 10 वर्षों में हासिल हो गया है।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के इरादे अच्छे रहे होंगे, लेकिन कमजोर क्रियान्वयन के कारण उनके प्रयासों के परिणाम सामने नहीं आ सके। मैं यह नहीं कह रही हूं कि पिछली सरकारों में काम करने का इरादा नहीं था। इरादा तो रहा होगा, लेकिन काम प्रभावी ढंग से नहीं हुआ। इसके चलते जमीनी स्तर पर काम नहीं हो रहा था।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि कई सरकारें दशकों तक इसलिए सफल नहीं हो सकीं, क्योंकि उनकी कार्य-निष्पादन क्षमता कुशल नहीं थी। लेकिन पिछले 10 साल में बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक नागरिक के लिए हर वो काम किया गया, जो पहले किया जाना चाहिए था।
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उन्होंने कहा कि बीते 10 साल में बिजली, नल से जल, पक्के मकान, अच्छी सड़कें और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा जैसी बुनियादी सुविधाएं बिबीत ना किसी भेदभाव के पूरे देश में नागरिकों को उपलब्ध कराई गई हैं।
इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की वार्षिक बैठक में जापान के वित्त मंत्री काट्सुनोबू काटो से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और जापान के बीच साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। वित्त मंत्री ने दोनों लोकतंत्रों के बीच संबंधों के महत्व को रेखांकित किया।
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उन्होंने एडीबी के गवर्नर्स बिजनेस सत्र में भारत की विकास गाथा और विकसित भारत 2047' स्वतंत्रता की शताब्दी तक विकसित भारत के विजन को प्रस्तुत किया। इसके अलावा उन्होंने एडीबी के सक्रिय, साहसी और ग्राहक-केंद्रित बनने को लेकर भारत का समर्थन व्यक्त किया। वित्त मंत्री ने कहा कि ये गुण समृद्ध, समावेशी और टिकाऊ एशिया-प्रशांत क्षेत्र के निर्माण के लिए आवश्यक हैं।
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