विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई ने भारतीय शेयर बाजारों से किसी एक महीने में निकासी का साढ़े चार साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इन्होंने अक्तूबर में अब तक 67,834 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। यह मार्च, 2020 के 61,973 करोड़ रुपये के बाद सबसे ज्यादा है।
डिपॉजिटरी आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने में एफआईआई ने हर दिन शेयर बेचे हैं। अगर बिकवाली का यही रुझान बना रहा तो ये निवेशक कोरोना की सारी बिकवाली का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। विश्लेषकों के मुताबिक, प्रोत्साहन उपायों की झड़ी के बाद एफआईआई एशियाई बाजार से लगातार पैसे निकालकर चीन में लगा रहे हैं। खासकर, भारत से भारी निकासी की जा रही है। हालांकि, भारतीय बाजार को घरेलू निवेशकों से लगातार मदद मिल रही है और इन्होंने अक्तूबर में अब तक 61,000 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी की है।
तीन अक्तूबर को बेचे थे 15,506 करोड़ के शेयर
आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले 11 दिनों में भारतीय शेयर बाजार में सबसे अधिक बिकवाली तीन अक्तूबर को की है। उस दिन इन निवेशकों ने 15,506 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। इस भारी निकासी का सीधा असर रुपये और शेयर बाजार दोनों पर पड़ा है। बीएसई सेंसेक्स जहां अपने शीर्ष स्तर से पांच फीसदी टूट चुका है, वहीं रुपया भी इसी महीने डॉलर की तुलना में पहली बार 84 के स्तर से नीचे आ गया है।