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FDI: विकसित देशों में 37 फीसदी घटा विदेशी निवेश, 2022 में भारत समेत इन पांच देशों में आया सबसे ज्यादा एफडीआई

Thu, 06 Jul 2023 05:28 AM IST
गुलाम अहमद अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन की बुधवार को जारी वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट रिपोर्ट-2023 के मुताबिक, 2022 में विकसित देशों में कुल 378 अरब डॉलर का एफडीआई आया। वहीं, भारत में 49 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया। 
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विदेशी निवेश (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार
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दुनिया के विकसित देशों में पिछले साल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में 37 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि भारत में 10 फीसदी अधिक विदेशी निवेश आया है। इस दौरान एशियाई विकासशील देशों में 2021 की तरह ही 662 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया। यह आंकड़ा वैश्विक स्तर पर मिले कुल एफडीआई का करीब आधा है।

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संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (अंकटाड) की बुधवार को जारी वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट रिपोर्ट-2023 के मुताबिक, 2022 में विकसित देशों में कुल 378 अरब डॉलर का एफडीआई आया। वहीं, भारत में 49 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया। पिछले साल जिन पांच देशों में सबसे ज्यादा करीब 80 फीसदी एफडीआई आया, उनमें भारत, चीन, सिंगापुर, हांगकांग और संयुक्त अरब अमीरात शामिल है। चीन में एफडीआई 5 फीसदी बढ़कर 189 अरब डॉलर पहुंच गया। हालांकि, हांगकांग में यह 16 फीसदी घटकर 118 अरब डॉलर रह गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में इसलिए निवेश बढ़ रहा है क्योंकि वह तेजी से विकास की राह पर बढ़ रहा है। भारत सरकार बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ा रही है। कई क्षेत्रों में तेजी से सुधार हो रहा है। 
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कुल वैश्विक एफडीआई में 12 फीसदी गिरावट
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल वैश्विक एफडीआई 12 फीसदी घटकर 1.3 लाख करोड़ डॉलर रह गया। यूक्रेन युद्ध, खाने-पीने की वस्तुओं एवं ऊर्जा की कीमतों में तेजी और सार्वजनिक कर्ज बढ़ने की वजह से वैश्विक एफडीआई में गिरावट आई है। सिंगापुर में सबसे ज्यादा 141 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया, जो 2021 के मुकाबले 8 फीसदी अधिक है। वियतनाम में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 39 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ अब तक के उच्च स्तर 17 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

नवीकरणीय ऊर्जा में जरूरत से कम निवेश...
अंकटाड की रिपोर्ट से पता चलता है कि विकासशील देशों को 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) हासिल करने के लिए सालाना निवेश घाटे का सामना करना पड़ रहा है। लक्ष्य पाने के लिए जितने निवेश की जरूरत है, उससे कम निवेश मिल रहा है। यह निवेश घाटा अब बढ़कर 4 लाख करोड़ डॉलर पहुंच गया है, जो 2015 में 2.5 लाख करोड़ डॉलर था। विकासशील देशों को नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में हर साल करीब 1.7 लाख करोड़ डॉलर के निवेश की जरूरत है, जबकि उन्हें 2022 में सिर्फ 544 अरब डॉलर का निवेश मिला।

निवेश के लिए भारत सबसे बेहतर : पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि निवेश के लिए भारत से बेहतर कोई जगह नहीं है और देश आज तकनीकी, विनिर्माण और नवाचार के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी केंद्र के रूप में उभर रहा है। पीएम ने एक मीडिया रिपोर्ट को ट्वीट करते हुए लिखा, हमारे युवाओं द्वारा संचालित भारत नवाचार के लिए विश्व के अग्रणी केंद्र के रूप में उभर रहा है।

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