सीए विजय मंत्री का कहना है कि अब जब ब्याज दरें बढ़नी शुरू हो गई हैं, तो कुल निवेश का थोड़ा हिस्सा आप फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के लिए रख सकते हैं। आरबीआई के फैसले के बाद करीब सभी बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों ने इसका फायदा और घाटा ग्राहकों को देना शुरू कर दिया है।
कर्ज जहां महंगा हो गया, वहीं एफडी पर ज्यादा ब्याज मिल रहा है। अगर आप एफडी करना चाहते हैं तो कम समय के लिए कराएं क्योंकि केंद्रीय बैंक अगस्त तक सीआरआर में दो बार और बढ़ोतरी कर सकता है। ऐसे में अगर आप लंबे समय के लिए एफडी कराते हैं तो इस फायदे से चूक जाएंगे। इसलिए आप 3-4 महीने के लिए ही एफडी कराएं। इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में और कई बैंकों में करें। दरअसल, एफडी आपको एक तय समय के लिए बिना किसी जोखिम के पैसे को रखने की सुविधा देता है। इस पर बचत खाते के मुकाबले ज्यादा ब्याज मिलता है।
निवेश करने से पहले रिसर्च जरूर कीजिए
अगर आप एफडी कराने की योजना बना रहे हैं तो रिसर्च जरूर करें। छोटे बैंक ज्यादा ब्याज देते हैं। यहां तक कि कुछ अच्छी कंपनियां भी एफडी की सुविधा देती हैं। अगर ये कंपनियां अच्छे कॉरपोरेट घरानों की हैं तो इन पर भरोसा कर सकते हैं। यह आमतौर पर बैंकों की एफडी से 1-2 फीसदी ज्यादा ब्याज देती हैं। कई बैंक और वित्तीय संस्थान वरिष्ठ नागरिक की एफडी पर सामान्य के मुकाबले ज्यादा ब्याज देते हैं। अगर आपके घर में भी बुजुर्ग हैं तो आप उनके नाम पर भी एफडी करा सकते हैं। आधा फीसदी तक ज्यादा ब्याज मिल सकता है।
इन बैंकों ने बढ़ाया जमा पर ब्याज
एसबीआई ने 2 करोड़ से ऊपर के जमा पर 90 बीपीएस तक ब्याज बढ़ाया है। पंजाब नेशनल बैंक एक से पांच साल के जमा पर सालाना 5.10 फीसदी की दर से ब्याज दे रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा एक साल से 2 साल की अवधि पर 5.05 फीसदी और 3 साल से अधिक एवं 5 साल से कम पर 4.5 फीसदी दे रहा है। बजाज फाइनेंस 5 करोड़ तक के जमा पर 7 फीसदी ब्याज दे रहा है।
लोन लेना है तो जल्दी करें
रेपो दर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए बुद्धिमानी इसी बात में है कि आप जल्द से जल्द कर्ज ले लें ताकि ज्यादा ब्याज न भरना पड़े। ब्याज दरें बढ़ने के बाद आपको एक लाख रुपये पर कमस-से-कम 75 रुपये ज्यादा ब्याज देना पड़ सकता है। जो लोग नया लोन ले रहे हैं, उनको फायदा होगा, उन्हें बैंक अभी भी कम ब्याज पर कर्ज दे रहे हैं। पुराने ग्राहकों के लिए ब्याज दरें ज्यादा होती हैं। अगर 5 साल पुराना कर्ज है तो इसे आप किसी और बैंक या वित्तीय संस्थान में ट्रांसफर करा लें। अगर आप टैक्स के दायरे में आते हैं तो लंबे समय के लिए कर्ज लें। इससे कर बचत होगी।
वित्तीय लक्ष्य पूरा करने में सहायक
देश में 41 फीसदी आबादी कामकाजी है, जबकि 59 फीसदी उस पर निर्भर है। इसलिए एक स्थिर और गारंटीड सेविंग स्कीम की जरूरत है। बचत, बच्चों की पढ़ाई या किसी अन्य वित्तीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए एफडी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।
-राम श्रीराम, संस्थापक महाग्राम