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एक्सप्लेनर: एपल को भारत में पहला स्टोर खोलने में क्यों लगे 25 साल, कैसे बदलता गया पहले लॉन्च के बाद आईफोन?

Wed, 09 Sep 2026 06:29 AM IST
रिया दुबे स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

भारत में कारोबार शुरू करने के 25 साल से ज्यादा बाद एपल ने अपना पहला स्टोर खोला। इस दौरान भारत उसके लिए सिर्फ बाजार नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग का भी अहम केंद्र बन गया। वहीं 2007 के पहले आईफोन से आज के Pro Max तक कंपनी ने टचस्क्रीन से लेकर एआई तक लंबा सफर तय किया। आइए विस्तार से जानते हैं।

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आईफोन - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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आज एपल के बड़े इवेंट पर दुनियाभर की नजर है। भारतीय समय के मुताबिक रात 10:30 बजे होने वाले इस कार्यक्रम में आईफोन 18 प्रो, आईफोन 18 प्रो मैक्स और कंपनी के पहले फोल्डेबल आईफोन को लेकर उत्सुकता है। लेकिन जिस कंपनी के नए फोन का पूरी दुनिया इंतजार करती है, उसे भारत में अपना पहला आधिकारिक स्टोर खोलने में आखिर इतना लंबा वक्त क्यों लगा? और 2007 में आए पहले iPhone से लेकर आज के Pro Max मॉडल तक यह फोन कितना बदल चुका है? जानिए, एपल के भारत सफर और आईफोन के करीब दो दशक लंबे बदलाव की पूरी कहानी।

भारत में एपल स्टोर के लिए लंबा इंतजार क्यों करना पड़ा?

एपल ने 1998 में भारत में अपना कारोबार शुरू किया था। इसके बाद कंपनी ने यहां अपने उत्पादों की बिक्री और कारोबार का विस्तार किया। कंपनी के आईफोन, आईपैड और मैक जैसे उत्पाद भारतीय बाजार में लंबे समय से उपलब्ध थे, लेकिन इन्हें बेचने के लिए एपल के अपने स्टोर नहीं थे। ग्राहक अधिकृत विक्रेताओं और साझेदारों के जरिए कंपनी के उत्पाद खरीदते थे।

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भारत में एपल की खुद की रिटेल मौजूदगी शुरू होने में इतना लंबा समय लगने के पीछे भारत की खुदरा और विदेशी निवेश नीति भी एक अहम वजह रही। एकल-ब्रांड खुदरा कारोबार में 51 फीसदी से ज्यादा विदेशी निवेश वाली कंपनियों के लिए भारत से 30 फीसदी सामान खरीदने की शर्त थी। वैश्विक कंपनियों के लिए अपनी अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला के साथ इस स्थानीय खरीद की शर्त को पूरा करना आसान नहीं था।

जनवरी 2018 में सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव किया। एकल-ब्रांड खुदरा कारोबार में 100 फीसदी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश को स्वचालित मार्ग से मंजूरी दी गई। साथ ही शुरुआती पांच वर्षों में वैश्विक कारोबार के लिए भारत से की गई अतिरिक्त खरीद को भी स्थानीय खरीद की शर्त में शामिल करने की अनुमति दी गई।
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इस बदलाव से एपल के लिए भारत में अपने स्टोर खोलने का रास्ता आसान हुआ। हालांकि, इसके बाद कोविड-19 महामारी के कारण भी कंपनी की खुदरा विस्तार योजनाओं में देरी हुई। इस बीच एपल ने भारत में अपनी दूसरी गतिविधियां बढ़ानी शुरू कर दी थीं।

एपल के स्टोर - फोटो : Amar Ujala Graphics

स्टोर से पहले ही भारत में बनने लगा था आईफोन

भारत में एपल का पहला आधिकारिक स्टोर 2023 में खुला, लेकिन देश में आईफोन का निर्माण इससे कई साल पहले शुरू हो चुका था। एपल के मुताबिक, 2017 में भारत में आईफोन का निर्माण शुरू हुआ। इससे भारत कंपनी के लिए सिर्फ आईफोन बेचने वाला बाजार नहीं रहा, बल्कि उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला का भी हिस्सा बन गया।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में एपल ने भारत में करीब 5.5 करोड़ आईफोन असेंबल किए, जो कंपनी के कुल वैश्विक उत्पादन का लगभग एक चौथाई था। 2024 में यह आंकड़ा करीब 3.6 करोड़ था। यानी एक साल में भारत में आईफोन असेंबली में करीब 53 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

स्मार्ट एनालिटिक्स ग्लोबल (SAG) के अनुमानों के मुताबिक, 2026 के अंत तक दुनिया भर में बिकने वाले कुल आईफोन्स में से 28% की मैन्युफैक्चरिंग भारत में होगी।

एपल का स्टोर - फोटो : Amar Ujala Graphics

भारत में कब-कब खुले एपल के स्टोर?

1. 18 अप्रैल 2023: मुंबई में खुला पहला स्टोर
जगह: बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स

करीब 25 साल से ज्यादा समय तक भारत में कारोबार करने के बाद एपल ने 18 अप्रैल 2023 को देश में अपना पहला आधिकारिक स्टोर खोला। मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में खुला एपल बीकेसी कंपनी के भारतीय रिटेल सफर का पहला पड़ाव बना।

स्टोर में सिर्फ उत्पाद बेचने पर जोर नहीं था। ग्राहक एपल के विशेषज्ञों से उत्पादों के बारे में जानकारी ले सकते थे, अपने नए डिवाइस का सेटअप करा सकते थे, तकनीकी मदद ले सकते थे और पुराने डिवाइस को ट्रेड-इन कर सकते थे। ऑनलाइन खरीदे गए उत्पादों के लिए पिकअप की सुविधा भी थी।

इस स्टोर का डिजाइन भी भारतीय संदर्भ से जोड़ा गया था। इसकी छत में करीब 1,000 लकड़ी की टाइलों और 4.5 लाख से ज्यादा लकड़ी के तत्वों का इस्तेमाल किया गया था।

एपल ने मुंबई के कलाकारों और रचनात्मक समुदाय को जोड़ने के लिए 'मुंबई राइजिंग' नाम से विशेष 'टुडे एट एपल' कार्यक्रम भी आयोजित किए। यानी भारत में एपल की पहली आधिकारिक दुकान को सिर्फ खरीदारी की जगह के बजाय एक अनुभव केंद्र के रूप में पेश किया गया।

2. 20 अप्रैल 2023: दिल्ली में दूसरा स्टोर
जगह: साकेत, नई दिल्ली


मुंबई में पहला स्टोर खोलने के सिर्फ दो दिन बाद एपल ने राजधानी दिल्ली में अपना दूसरा स्टोर शुरू कर दिया। 20 अप्रैल 2023 को एपल साकेत ग्राहकों के लिए खुला।

इस स्टोर की खासियत इसकी डिजाइन थी। एपल ने इसके डिजाइन को दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान से जोड़ा। स्टोर के बैरिकेड का डिजाइन शहर के ऐतिहासिक दरवाजों से प्रेरित था।

मुंबई की तरह यहां भी ग्राहकों को व्यक्तिगत सहायता, तकनीकी मदद, ट्रेड-इन और 'टुडे एट एपल' के तहत मुफ्त सत्रों की सुविधा दी गई। इस तरह भारत में आधिकारिक रिटेल शुरुआत के सिर्फ दो दिन के भीतर एपल मुंबई के बाद दिल्ली में भी पहुंच गया।

2025 में एपल ने बढ़ाई रफ्तार
पहले दो स्टोर खोलने के बाद एपल ने 2025 में भारत में अपना विस्तार तेज किया। सितंबर में कंपनी ने सिर्फ दो दिन के अंतर पर बंगलूरू और पुणे में स्टोर खोले।

3. 2 सितंबर 2025: बंगलूरू में तीसरा स्टोर
जगह: हेब्बाल


2 सितंबर 2025 को बंगलूरू के हेब्बाल में एपल का भारत में तीसरा आधिकारिक स्टोर खुला। यह दक्षिण भारत का पहला एपल स्टोर था।

बंगलूरू की तकनीकी और रचनात्मक पहचान को ध्यान में रखते हुए यहां ग्राहकों के लिए सिर्फ बिक्री की सुविधा नहीं रखी गई। व्यक्तिगत सेटअप, आईओएस पर स्विच करने में मदद, ट्रेड-इन, एपल पिकअप और तकनीकी सहायता जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध थीं।

4. 4 सितंबर 2025: पुणे में चौथा स्टोर
जगह: कोरेगांव पार्क


बंगलूरू के दो दिन बाद यानी 4 सितंबर 2025 को पुणे के कोरेगांव पार्क में एपल का चौथा भारतीय स्टोर खुला। यह पुणे का पहला आधिकारिक एपल स्टोर था। यहां ग्राहकों को आईफोन, आईपैड, मैक और दूसरे उत्पादों के साथ व्यक्तिगत सेटअप, ट्रेड-इन, वित्तीय विकल्प और तकनीकी सहायता की सुविधा मिली। 

5. 11 दिसंबर 2025: नोएडा में पांचवां स्टोर
जगह: डीएलएफ मॉल ऑफ इंडिया


11 दिसंबर 2025 को नोएडा में एपल का पांचवां आधिकारिक स्टोर खुला। यह नोएडा का पहला एपल स्टोर था और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कंपनी का दूसरा स्टोर बना।

स्टोर में 80 से ज्यादा कर्मचारी थे। यहां व्यक्तिगत सेटअप, आईओएस पर स्विच करने में सहायता, ट्रेड-इन, वित्तीय विकल्प, एपल पिकअप और तकनीकी सहायता जैसी सुविधाएं दी गईं। एपल के मुताबिक, यह स्टोर 100 फीसदी नवीकरणीय ऊर्जा पर चलता है और कार्बन न्यूट्रल है।

6. 26 फरवरी 2026: मुंबई में छठा स्टोर
जगह: स्काई सिटी मॉल, बोरीवली


26 फरवरी 2026 को मुंबई के बोरीवली में एपल का छठा आधिकारिक स्टोर खुला। यह मुंबई में कंपनी का दूसरा स्टोर था। इस स्टोर में व्यक्तिगत सेटअप, सुरक्षित डेटा ट्रांसफर, ट्रेड-इन, वित्तीय विकल्प और आईओएस पर स्विच करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

एपल का स्टोर - फोटो : Amar Ujala Graphics

पहले लॉन्च के बाद कितना बदला एपल?

नौ जनवरी 2007 को लॉन्च हुआ iPhone आज दुनिया की जुबान पर है। आज से 19 साल पहले किसी ने सोचा भी नहीं था कि एक स्मार्टफोन आएगा और दुनिया में छा जाएगा। पहला iPhone नौ जनवरी को लॉन्च हुआ था और 29 जून को इसे पहली बार बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया। पहला आईफोन भले ही जनवरी में लॉन्च हुआ था लेकिन अब iPhone को एपल हर साल सितंबर महीने में लॉन्च करता है। पहले आईफोन को भी Foxconn ने ही तैयार किया था और आज भी Foxconn ही आईफोन का प्रोडक्शन करती है। आइए देखते हैं कि iPhone कितना बदल गया है।

2007: 3.5 इंच की टचस्क्रीन से शुरुआत
पहला आईफोन 2007 में आया। इसमें 3.5 इंच की स्क्रीन थी। एपल ने फोन, वाइडस्क्रीन आईपॉड और इंटरनेट डिवाइस को एक ही उत्पाद में जोड़ा। उस समय इसकी सबसे बड़ी खासियतों में से एक थी टचस्क्रीन। फिजिकल कीबोर्ड की जगह स्क्रीन को छूकर फोन चलाने का तरीका लोगों के लिए नया अनुभव था। यहीं से आईफोन ने मोबाइल फोन के डिजाइन की दिशा बदलनी शुरू की।

2008: एप स्टोर ने फोन को बना दिया ज्यादा उपयोगी
आईफोन 3जी के साथ एप स्टोर आया। यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि अब आईफोन की क्षमताएं सिर्फ एपल की ओर से दिए गए फीचर्स तक सीमित नहीं रहीं।

यूजर अपनी जरूरत के मुताबिक अलग-अलग ऐप डाउनलोड कर सकता था। इससे फोन एक ऐसे प्लेटफॉर्म में बदलने लगा जिसमें समय के साथ नई सुविधाएं जोड़ी जा सकती थीं।

2010: रेटिना डिस्प्ले ने स्क्रीन का अनुभव बदला
आईफोन 4 में रेटिना डिस्प्ले आया। एपल ने स्क्रीन की स्पष्टता पर बड़ा जोर दिया। तस्वीरें, टेक्स्ट और वीडियो ज्यादा साफ दिखाई देने लगे। यानी आईफोन में बदलाव सिर्फ अंदर की तकनीक में नहीं, बल्कि उसे देखने और इस्तेमाल करने के अनुभव में भी हो रहा था।

2011: सिरी ने जोड़ी आवाज
आईफोन 4एस के साथ सिरी की शुरुआत हुई। यह आईफोन के सफर का अहम पड़ाव था। अब फोन को सिर्फ छूकर ही इस्तेमाल करना जरूरी नहीं था। यूजर बोलकर सवाल पूछ सकता था और कई काम करवा सकता था। इससे फोन के साथ बातचीत का एक नया तरीका जुड़ा, आवाज। उस समय सिरी एक आवाज आधारित सहायक था। आगे चलकर स्मार्टफोन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इसी तरह के सहायकों की भूमिका और बड़ी होती गई।

2012: स्क्रीन हुई बड़ी
आईफोन 5 में स्क्रीन का आकार बढ़ाकर 4 इंच किया गया। साथ ही लाइटनिंग कनेक्टर पेश किया गया। बड़ी स्क्रीन का मतलब था कि इंटरनेट, तस्वीरें और वीडियो देखने के लिए पहले से ज्यादा जगह उपलब्ध थी।
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कैसे बदलता गया आईफोन? - फोटो : Amar Ujala Graphics
2013: टच आईडी ने बदला फोन की सुरक्षा का तरीका
आईफोन 5एस में टच आईडी आया। अब फिंगरप्रिंट से आईफोन अनलॉक किया जा सकता था। इसी मॉडल में एपल ने 64-बिट ए7 चिप भी पेश की। इससे आईफोन की कंप्यूटिंग क्षमता में बड़ा सुधार हुआ। यानी फोन की सुरक्षा और प्रदर्शन, दोनों मोर्चों पर बदलाव आया।

2014: आईफोन ने अपनाई बड़ी स्क्रीन
आईफोन 6 और आईफोन 6 प्लस के साथ एपल ने पहली बार बड़े स्क्रीन आकार को प्रमुखता दी। आईफोन 6 में 4.7 इंच और आईफोन 6 प्लस में 5.5 इंच की स्क्रीन थी। इस बदलाव ने आईफोन को वीडियो, गेम और इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए ज्यादा सुविधाजनक बनाया।

2017: आईफोन एक्स ने डिजाइन की पूरी तस्वीर बदल दी
आईफोन एक्स के साथ एपल ने अपने पुराने डिजाइन से बड़ा बदलाव किया। होम बटन हटा दिया गया। उसकी जगह फेस आईडी आई और ओएलईडी डिस्प्ले के साथ स्क्रीन को ज्यादा जगह मिली। यानी जिस आईफोन की पहचान कभी होम बटन से होती थी, वह अब लगभग पूरी स्क्रीन वाले डिजाइन की ओर पहुंच चुका था।

2020: 5जी और मैगसेफ की एंट्री
आईफोन 12 सीरीज के साथ 5जी आया। इससे आईफोन तेज मोबाइल नेटवर्क के दौर में पहुंच गया। इसी सीरीज में मैगसेफ भी आया, जिसने वायरलेस चार्जिंग और चुंबकीय एक्सेसरीज को नया रूप दिया।

2022: डायनेमिक आइलैंड और 48 मेगापिक्सल कैमरा
आईफोन 14 प्रो में डायनेमिक आइलैंड आया। इसके साथ मुख्य कैमरे को 48 मेगापिक्सल तक बढ़ाया गया। इस दौर तक आईफोन का कैमरा फोन का सिर्फ एक फीचर नहीं रह गया था। फोटो और वीडियो की गुणवत्ता आईफोन खरीदने के फैसले में बड़ी भूमिका निभाने लगी थी।

2023: यूएसबी-सी ने बदला कनेक्शन
2023 में भारत में एपल के पहले दो आधिकारिक स्टोर खुले और इसी साल आईफोन में भी बड़ा बदलाव आया। आईफोन 15 सीरीज में एपल ने लाइटनिंग पोर्ट की जगह यूएसबी-सी अपना लिया। प्रो मॉडल में टाइटेनियम डिजाइन, एक्शन बटन और ए17 प्रो चिप जैसी खूबियां आईं। इस बदलाव के साथ आईफोन ज्यादा आधुनिक कनेक्टिविटी और पेशेवर इस्तेमाल की दिशा में आगे बढ़ा।

2024: iPhone 16 सीरीज
iPhone 16 सीरीज के साथ ए18 चिप और कैमरा कंट्रोल जैसी सुविधाएं आईं। इसी दौर में एपल ने आईफोन में एपल इंटेलिजेंस को आगे बढ़ाया। इससे आईफोन के विकास में एक नया चरण शुरू हुआ, जहां सिर्फ तेज हार्डवेयर या बेहतर कैमरे के बजाय एआई भी फोन की क्षमताओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने लगी।

यहां Siri और आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बीच का बदलाव भी समझ आता है। Siri के शुरुआती दौर में यूजर आवाज से सवाल पूछता और आदेश देता था, जबकि एपल इंटेलिजेंस के साथ एपल का फोकस ज्यादा संदर्भ समझने और अलग-अलग कामों में सहायता देने वाली क्षमताओं पर बढ़ा।

2025: iPhone 17 सीरीज
iPhone 17 में 6.3 इंच का प्रोमोशन डिस्प्ले और 120 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट आया। इसके साथ ए19 चिप और कैमरा सिस्टम में भी सुधार किए गए। लेकिन प्रो मॉडल, खासकर iPhone 17 Pro Max, ने कैमरा और प्रदर्शन के मामले में आईफोन को और आगे बढ़ाया।

iPhone 17 Pro Max में क्या खास था?
iPhone 17 Pro Max में A19 Pro चिप दी गई। इसमें तीनों रियर कैमरे 48 मेगापिक्सल के हैं और टेलीफोटो कैमरा 8 गुना तक ऑप्टिकल-क्वालिटी जूम देता है। इसका 6.9 इंच का डिस्प्ले 120 हर्ट्ज तक प्रोमोशन रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है।

इस मॉडल में एपल ने नया एल्युमिनियम यूनिबॉडी डिजाइन और वेपर चैंबर दिया, जिससे गर्मी को बाहर निकालने और लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने में मदद मिलती है। एपल के मुताबिक, iPhone 17 Pro Max में आईफोन इतिहास की सबसे लंबी बैटरी लाइफ दी गई है और यह 2TB तक स्टोरेज के साथ आता है।

वीडियो के लिए भी इसमें ProRes RAW, Apple Log 2 और Genlock जैसी पेशेवर सुविधाएं दी गईं। इसका मतलब है कि आईफोन अब सिर्फ फोटो और सामान्य वीडियो बनाने वाला फोन नहीं रहा, बल्कि पेशेवर कंटेंट निर्माण के लिए भी ज्यादा सक्षम उपकरण बन चुका है।
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